पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। नगर मुख्यालय के सिवनी मार्ग स्थित किसान सेवा साख सहकारी समिति मर्यादित बालाघाट की शाखा लालबर्रा-पांढरवानी में उपभोक्ताओं के लाखों रूपये की धोखाधड़ी करने का सनसनी खेज का मामला सामने आया है। मंगलवार को आक्रोशित उपभोक्ताओं ने सिवनी मार्ग स्थित बैंक पहुंचकर जमकर हंगामा किया और जिला मुख्यालय में उपायुक्त सहकारिता विभाग के अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रबंधक एवं एजेंट पर सख्त कार्यवाही कर राशि वापस दिलवाने की मांग की है।
मैच्योरिटी के बाद भी नहीं लौटाई जा रही राशि
आपकों बता दे कि किसान सेवा साख सहकारी समिति मर्यादित बालाघाट शाखा लालबर्रा-पांढरवानी शाखा के एजेंटों और प्रबंधकों ने क्षेत्र के ग्रामीणों को बचत का लालच देकर लाखों रूपये जमा करवाये थे और जमा करने की तिथि पूर्ण होने के बाद समय पर मैच्योरिटी दिलवाने की बात कही थी। किन्तु कई उपभोक्ताओं की जमा राशि की अवधि पूरी हो चुकी है और ४ से ५ महीने बीत जाने के बाद भी बैंक प्रबंधन ब्याज तो दूर, मूल राशि लौटाने में भी आनाकानी कर रहा है। वहीं पिछले कुछ महीनों से एजेंटों ने राशि जमा लेना भी बंद कर दिया है, जिससे उपभोक्ताओं का शक यकीन में बदल गया कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। मंगलवार को बड़ी संख्या में उपभोक्ता लालबर्रा के बैंक शाखा पहुंचे और अपनी जमा पूंजी वापस मांगी। लेकिन बैंक में उपस्थित कर्मचारियों और एजेंटों द्वारा कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर उपभोक्ता आक्रोशित हो उठे और एजेंट व बैंक के कर्मचारियों को खरी-खोटी सुनाते हुए जमा राशि वापस देने की मांग की। जबकि बैंक में उपस्थित कर्मचारियों से रूपये की मांग की तो उन्होने कहा कि जिले के प्रबंधक से बात करने कहा तो उपभोक्ताओं ने कहा कि हम लोग एजेंट व बैंक को देखकर रूपये जमा किये थे इसलिए हमारी राशि तत्काल वापस दिलवाये नही तो बैंक में ताला बंदी की जायेगी। इस तरह से किसान सेवा साख सहकारी समिति शाखा लालबर्रा में क्षेत्र के सैकड़ों उपभोक्ताओं की लाखों रूपये की राशि जमा है। वहीं क्षेत्रभर से पहुंचे उपभोक्ताओं ने बैंक में हंगामा करने के बाद थाना पहुंचे और थाना प्रभारी को अपनी शिकायत की। जिसके बाद थाना प्रभारी ने सहकारी संस्था बालाघाट के सहकारिता विस्तार अधिकारी अरूणा मर्सकोले से चर्चा की तो उन्होने सभी को बालाघाट में शिकायत करने की बात कही। वहीं आक्रोशित सभी उपभोक्ता जिला मुख्यालय पहुंचकर सहकारी संस्था बालाघाट को ज्ञापन सौंपकर समिति के प्रबंधक व दोषी एजेंटो पर कार्यवाही करने, ब्याज सहित राशि वापस दिलवाने की मांग की है। वहीं पीडित उपभोक्ताओं का कहना है कि हमने बैंक व एजेंट के भरोसे पर अपनी मेहनत की कमाई का एक-एक रूपये भविष्य के लिए जमा की थी। अब अधिकारी और एजेंट जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। यदि हमें न्याय नहीं मिला तो हम उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
दूरभाष पर चर्चा में उपायुक्त सहकारी संस्था बालाघाट के डीआर राजेश उइके ने बताया कि मैं बाहर हूं, बुधवार को कार्यालय पहुंचकर जिन उपभोक्ताओं ने ज्ञापन सौंपा है उसका अवलोकन कर किस कारण से उपभोक्ताओं ने जो राशि जमा किये है उसकी मैच्योरिटी क्यों नही की गई है उस संबंध में जांच की जायेगी और जांच में सही पाये जाने पर उनकी राशि वापस दिलवाई जायेगी। साथ ही अगर जांच में राशि का गबन होने का मामला सामने आते है तो प्रबंधक व एजेंट पर वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।










































