थाईलैंड के फुकेट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक विमान की लैंडिंग के दौरान तकनीकी समस्या आने के कारण रनवे को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक विमान में आई खराबी की वजह से उसे तुरंत रनवे से हटाया नहीं जा सका, जिसके चलते उड़ान संचालन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान AXB938 हैदराबाद से फुकेट जा रही थी। यह विमान निर्धारित समय से पहले ही फुकेट पहुंच गया था,जहां लैंडिंग के दौरान उसमें तकनीकी दिक्कत आ गई और विमान की हार्ड लैंडिंग कराई गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस दौरान विमान के लैंडिंग गियर को नुकसान पहुंचा है,जिसके कारण विमान को रनवे से तुरंत हटाना संभव नहीं हो पाया था, जिसके कारण रनवे को कुछ देर के लिए बंद कराना पड़ा।
अधिकारियों के मुताबिक, हार्ड लैंडिग का शिकार विमान बोइंग 737-800 मॉडल का है,उसका पंजीकरण नंबर VT-BWQ है। घटना के समय विमान में चालक दल के 7 सदस्य, 131 यात्री और 2 बच्चे थे। हालांकि गनीमत की यह बात रही कि इस घटना में किसी भी यात्री या क्रू मेंबर को कोई चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित हैं।
फुकेट एयरपोर्ट प्रशासन ने की ये कार्रवाई
मामले में फुकेट एयरपोर्ट प्रशासन ने जानकारी दी है। प्रशासन ने घटना के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए एयरमैन नोटिस (NOTAM) जारी किया और रनवे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। अधिकारियों के अनुसार रनवे को दोपहर 12:08 बजे से शाम 6:00 बजे तक बंद रखा गया,ताकि खराब हुए विमान को हटाने और तकनीकी जांच की जा सके। एयरपोर्ट ने कहा कि मरम्मत और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद रनवे को फिर से खोल दिया जाएगा।
लैंडिंग के दौरान विमान में खराबी क्यों आई
हवाई अड्डे के अधिकारियों ने घटना की प्रारंभिक जांच भी शुरू कर दी है। तकनीकी विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि लैंडिंग के दौरान विमान में खराबी क्यों आई और लैंडिंग गियर को नुकसान कैसे पहुंचा।
हार्ड लैंडिंग क्या है?
हार्ड लैंडिंग तब होती है जब कोई विमान या अंतरिक्ष यान सामान्य लैंडिंग की तुलना में कहीं अधिक ऊर्ध्वाधर गति और बल के साथ जमीन से टकराता है। हार्ड लैंडिंग और फर्म लैंडिंग शब्दों को अक्सर एक दूसरे से भ्रमित किया जाता है, हालांकि वे मूल रूप से भिन्न हैं। हार्ड लैंडिंग कभी भी जानबूझकर नहीं की जाती; यदि किसी विमान की हार्ड लैंडिंग हुई है,तो अगली उड़ान से पहले उसकी क्षति की जांच अवश्य की जानी चाहिए। ऐसे मामलों में विमान के ढांचे,खासकर लैंडिंग गियर या निचले हिस्से को नुकसान पहुंच सकता है। फुकेट एयरपोर्ट थाईलैंड के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है और इस तरह की घटना के बाद सुरक्षा जांच को प्राथमिकता दी जाती है।










































