ग्रामीण थाना अंतर्गत ग्राम समनापुर में आपसी विवाद के चलते की गई फायरिंग के मामले को लेकर गिरफ्तार आरोपी प्रणव उर्फ पप्पू शर्मा पिता ओमप्रकाश शर्मा 33 वर्ष वार्ड नंबर 8 सुभाष चौक समनापुर निवासी को यहां की विद्वान अदालत में पेश कर दिया गया। जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भिजवा दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रणव उर्फ पप्पू शर्मा भारतीय अर्थ सैनिक बल- भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस में पदस्थ थे और वे 11 वर्ष वहां काम करने के बाद नौकरी छोड़ कर अपने गांव समनापुर आ गया थे। जिसके पड़ोस में ही कमल नारायण उपवंशी रहते हैं। जिनके साथ प्रणव शर्मा की आपसी रंजिश बनी हुई थी।
6 जून को 11बजे जब कमल नारायण अपने खेत से ट्रैक्टर में पैरा भरकर घर ला रहे थे। ट्रैक्टर रिवर्स करते समय ट्रैक्टर प्रणव शर्मा के दुकान की शटर से टकरा गया था।इसी बात को लेकर कमल नारायण और प्रणव शर्मा के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई और प्रणव शर्मा ने कमल नारायण के पैर में लकड़ी से मार दिया था।
जिसके बाद हल्ला सुनकर कमल नारायण के परिजन भी आ गए थे। तभी प्रणव शर्मा ने आवेश में आकर पुरानी रंजिश को लेकर अपनी लाइसेंसी बंदूक से कमल नारायण पर तीन बार फायरिंग कर दिये। प्रणव शर्मा द्वारा की गई फायरिंग में कमल नारायण बाल-बाल बच गए ।









































