धार। तीन साल की मासूम हितांशी अपने घर के आंगन में खेल रही थी। रविवार की शाम को अगले ही पल एक खूंखार श्वान उस पर टूट पड़ा। मासूम की चीखें गूंजती रहीं, लेकिन तब तक उसका चेहरा बुरी तरह जख्मी हो चुका था। इंदौर में उसका इलाज चल रहा है, 40 टांके लगे हैं और नाक की सर्जरी करनी पड़ी। ये जख्म शायद जिंदगी भर नहीं भर पाएगा।
सबसे दर्दनाक बात ये है कि इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी धार जिले में आवारा श्वानों के आतंक पर लगाम लगाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। ऐसा लग रहा है जैसे जिम्मेदार किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हों।










































