बालाघाट/ नहर में काम करने आए एक मजदूर ने ठेकेदार द्वारा सही मजदूरी नहीं देने पर मानसिक तनाव में आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 6 मार्च को दोपहर में यह घटना लालबर्रा थाना क्षेत्र में आने वाले ग्राम बकोड़ा नहर के पास में हुई। मृतक हनुमत सिंह पिता स्व. रघुनाथ लोधी 38 वर्ष ग्राम बाबा खेरा थाना बलदेवगढ़ जिला टीकमगढ़ निवासी है। जिला अस्पताल पुलिस ने इस मजदूर का शव पोस्टमार्टम करवा कर उसके परिजनों को सौंप दिया है।
धनसुआ (भरवेली) नहर में काम करने परिवार के साथ आया था हनुमतसिंह
प्राप्त जानकारी के अनुसार हनुमतसिंह लोधीअपने परिवार के साथ मजदूरी करता था। जिसके परिवार में पत्नी मनीषा और एक 3 वर्ष की बेटी के अलावा छोटा भाई अमर सिंह लोधी और भाई बहू शिवानी है। 2 जनवरी को ही हनुमतसिंह अपनी पत्नी मनीषा लोधी, छोटे भाई अमर सिंह लोधी और बहू शिवानी लोधी के साथ ग्राम धनसुआ(भरवेली) में नहर में काम करने आए थे।
धनसुआ से ग्राम बकोड़ा (लालबर्रा) नहर में कर रहे थे काम
धनसुआ नहर में काम करने के बाद 27 फरवरी को लालबर्रा क्षेत्र में आने वाले ग्राम बकोड़ा नहर में काम करने आए और बकोड़ा नहर किनारे ही तंबू लगाकर निवास कर रहे थे। इन लोगों को ठेकेदार दिलीप सिंह ने काम करने के लिए लाया था। जिन्होंने 28 फरवरी से 5 मार्च तक सिंचाई विभाग के नहर में मजदूरी से काम किये। यह परिवार ठेकेदार दिलीप सिंह के अंडर में रहकर नहर में मजदूरी से काम कर रहा था। हनुमतसिंह कभी-कभी शराब पीते थे। होली के दिन भी शराब पिए थे।
5 मार्च की शाम रोजी को लेकर ठेकेदार से हुआ था
5 मार्च की शाम हनुमतसिंह ने ठेकेदार दिलीप सिंह से मजदूरी के हिसाब के संबंध में पूछा की हम जो काम कर रहे हैं वह कितनी मजदूरी से काम कर रहे हैं। ठेकेदार दिलीप सिंह ने रोजी नहीं बताई और उसने हनुमतसिंह और उनकी पत्नी मनीष लोधी की मजदूरी का हिसाब करके डेढ़ माह में खर्च काटने के बाद 10,600 हनुमत सिंह को दिए थे। सही मजदूरी नहीं देने पर हनुमतसिंह एवं ठेकेदार दिलीप सिंह के बीच विवाद लामाझुमी हुई थी।
सही मजदूरी नहीं देने पर मानसिक तनाव में था हनुमत सिंह
ठेकेदार द्वारा सही मजदूरी नहीं देने पर हनुमान जी मानसिक तनाव में था और वह रात्रि में परिवार के साथ खाना खाये बिना ही सो गए थे। 6 मार्च को सुबह हनुमत सिंह का भाई अमर सिंह अपनी पत्नी शिवानी के साथ काम करने चले गए थे। 9 बजे हनुमत सिंह की पत्नी मनीषा ने खाना बनाई और पति हनुमत सिंह को बोली की खाना बन गया है। खाना खाकर टीकमगढ़ अपने घर जाना है। हनुमंत सिंह उस समय कहीं से शराब पीकर आया था और उसने पत्नी मनीषा को ठेकेदार दिलीप सिंह के साथ रात्रि में हुए विवाद के संबंध में बोला और वहा से चला गया था।
मानसिक तनाव में महुआ के पेड़ में लगाई फांसी
तंबू से कुछ दूरी पर मनीषा को हनुमत सिंह महुआ के पेड़ में फांसी पर लटका दिखा। हनुमतसिंह को पेड़ में फांसी पर लटके हुई देख मनीषा तुरंत पहुंची और हनुमत सिंह के गले से रस्सी छोड़ी उसके बाद मनीषा टेंट में आकर रोने लगी थी। तब टेंट में रहने वाले अन्य मजदूरों ने मनीषा से पूछे तब उसने बताई की पति हनुमतसिंह ने महुआ के पेड़ में फांसी लगा ली है। खबर मिलते ही हनुमत सिंह का छोटा भाई अमरसिंह ठेकेदार दिलीपसिंह और अन्य मजदूर काम छोड़कर पहुंचे।
जिला अस्पताल में हनुमतसिह को मृत घोषित किये- जिला अस्पताल में हुआ पोस्टमार्टम
अमरसिंह ने हनुमतसिंह को प्राइवेट वाहन से जिला अस्पताल बालाघाट लाये। जिसे डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिए। ठेकेदार के द्वारा सही मजदूरी नहीं देने के मानसिक तनाव में आकर हनुमत सिंह द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या की जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। जिला अस्पताल पुलिस चौकी के प्रधान आरक्षक महेंद्र मर्सकोले आरक्षक विक्रम शर्मा ने हनुमत सिंह का शव पंचनामा कार्यवाही पश्चात पोस्टमार्टम करवा कर उसके परिजनों को सौंप दिए। और मर्ग कायम कर मर्ग डायरी अग्रिम कार्रवाई हेतु घटना स्थल से संबंधित पुलिस थाना लालबर्रा भिजवा दी है। इस मामले की आगे जांच लालबर्रा पुलिस द्वारा की जाएगी।









































