भोपाल में मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, पुलिस ने समझाइश देकर नीचे उतारा

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भोपाल मेमोरियिल अस्पताल के पीछे पीवीजीएम कालेज के पास रहने वाला युवक शनिवार सुबह एक दूरसंचार कंपनी के टावर पर चढ़ गया। करीब 100 फीट की ऊंचाई पर चढ़ने के बाद उसने न्याय नहीं मिलने की बात कहते हुए कूदने की धमकी देना शुरू कर दिया। युवक का कहना था कि पडोसी से उसके घर को लेकर विवाद चल रहा है। वह कई बार शिकायत कर चुका है, लेकिन पड़ोसी के राजनीतिक दल से जुड़े होने के कारण उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। घटना की सूचना मिलने पर निशातपुरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने टावर पर चढ़कर युवक से बात की और समझाइश देकर नीचे उतार लिया। इससे लगभग तीन घंटे तक चले घटनाक्रम का पटाक्षेप हो गया। निशातपुरा थाने के एएसआइ संतराम खन्ना ने बताया कि मलखानसिंह ठाकुर (40) पीवीजीएम कालेज के पास परिवार के साथ रहता है। पहले वह थाने की डायल-100 की गाड़ी चलता था। वर्तमान में वह बस चलाता है। मलखान का पड़ोस में रहने वाले धर्मेंद्र नाम के व्यक्ति से विवाद चल रहा है। इसके लिए मलखान कई बार प्रशासन से शिकायत भी कर चुका हैं, लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ था।

सुबह टावर के पास बैठा रहा, फिर ऊपर चढ़ गयामलखान सुबह करीब 10 बजे घर के पास स्थित टावर के नीचे जाकर बैठ गया था। सुबह करीब 11 बजे उसने टावर पर चढ़ना शुरू कर दिया। करीब 100 फीट की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद उसने अपनी मांग को लेकर चिल्लाना शुरू कर दिया। इसके बाद मौके पर तमाशबीनों की काफी भीड़ लग गई। मलखान की पत्नी, बच्चे भी उससे नीचे उतरने की गुहार लगाने लगे।

डायल-100 के चालक ने दिखाया साहसएएसआइ खन्ना ने बताया कि घटना की सूचना पुलिस को दोपहर 12:30 बजे मिली। थाने की डायल-100 से एएसआइ रमेश सेंगर, सिपाही संदीप, जितेंद्र और रमेश यादव के अलावा चालक रिजवान मौके पर पहुंचे। साहस का परिचय देते हुए रिजवान सबसे पहले टावर पर चढ़ा और मलखान को थाम कर रखा। पीछे से तीनों सिपाही भी ऊपर चढ़े और मलखान को समझाइश देकर अपने साथ नीचे उतारकर ले आए। एएसआइ खन्ना ने बताया कि वह पहले थाने की गाड़ी चला चुका है। इस वजह से जब उन्‍होंने मलखान से फोन पर बात की, तो वह मान गया। टावर से उतारने के बाद मलखान को खाना खिलाया गया। इसके बाद उसे सोने के लिए भेज दिया गया है। मलखान की शिकायत को पुलिस अब प्रशासन के माध्यम से सुलझाने का प्रयास करेगी।

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