पदमेश न्यूज़,बालाघाट। मसीह धर्मावलंबियों का प्रमुख पर्व गुड फ्राइडे आज शुक्रवार को जिला मुख्यालय सहित अन्य तहसिल व ग्रामीण आँचलो में भक्ति भाव के साथ मनाया गया। जहा जगह जगह विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन किए गए।इस पर्व विशेष पर जगह-जगह प्रभु यीशु की आराधना, प्रवचन सहित अन्य कार्यक्रम संपन्न कराए गए। इसी कड़ी में नगर के मेथोडिस्ट चर्च और कैथोलिक चर्च में गुड फ्राइडे पर विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन कर प्रभु यीशु मसीह को याद किया गया।जहां बस स्टैंड स्थित मेथोडिस्ट चर्च में 3 घंटे की विशेष आराधना की गई ।वहीं क्रूस की विशेष आराधना कर, प्रभु यीशु के 7 वचनों का वाचन किया गया। इसके अलावा प्रभु यीशु की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके जन्म से लेकर मृत्यु तक के सफर और मृत्यु के बाद पुनर्जीवित होने के सन्देश का जिक्र करते हुए प्रभु यीशु मसीह के त्याग और बलिदान से प्रेरणा लेने और उनकी जीवनी को आत्मसात कर प्रभु यीशु के बताए हुए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। वहीं शाम को मीठी रोटी का सेवन कर उपवास तोड़ा गया।
कैथोलिक चर्च से निकाली गई क्रूस रैली
इसी तरह नगर के कैथोलिक चर्च में गुड फ्राइडे पर विशेष आराधना की गई, जहाँ प्रभु यीशु के प्रवचन, उनके दिए गए उपदेश ,क्रूस यातना, उनकी जीवनी आदि का वाचन कर उपस्थितजनों ने सामूहिक आराधना की। वही देर शाम तक विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन कराए गए। इसके अलावा प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी कैथोलिक चर्च से नगर मे एक क्रूस रैली निकाली गई।जो नगर के विभिन्न मार्गो का भ्रमण करते हुए आकाशवाणी चौक स्थित ईसाई कब्रिस्तान पहुंची।जहां धार्मिक नियमानुसार कार्यक्रम संपन्न कराए गए। जहां से यह रैली पून: अन्य मार्गो का भ्रमण करते हुए वापस कैथोलिक चर्च पहुची। जहा इसका समापन किया गया। जहां इस रैली में शामिल सामाजिक बंधुओं ने जगह जगह प्रभु यीशु के प्रवचनों का पाठकर प्रभु यीशु के बताए हुए मार्ग पर चलने का संदेश दिया।वही गिरजाघर के भीतर रात में भी प्रभु यीशु के कार्यक्रम चलते रहे।
आज ही के दिन प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाया गया था
बताया गया है कि आज ही दिन प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाया गया था। ईसा मसीह प्रेम और शांति के मसीहा थे। दुनिया को प्रेम और करुणा का संदेश देने वाले प्रभु यीशु को उस समय के धार्मिक कट्टरपंथी ने रोम के शासक से शिकायत करके उन्हें सूली पर लटकवा दिया था, लेकिन कहा जाता है कि प्रभु यीशु इस घटना के तीन दिन बाद पुनः जीवित हो उठे थे। इसलिए गुड फ्राइडे के बाद आने वाले संडे को इस्टर संडे मनाया जाता है।
यीशु मसीह ने त्यागे थे अपने प्राण
ईसाई समुदाय का प्रमुख पर्व गुडफ्राइडे आज ईसाई समुदाय द्वारा पूर्ण भावना एंव विश्वास के साथ मनाया गया।ऐसी मान्यता है कि इसी दिन प्रभु यीशु मसीह ने अपने प्राण त्यागे थे। जिनके उपदेशों और मानव कल्याण के लिए दिए गए उनके बलिदान को याद कर आज मसीह समुदाय के लोग गिरिजाघरों में जाकर विशेष प्रार्थना करते है।इसके अलावा प्रभु यीशु की याद में उपवास किया जाता है और उपवास करने के बाद मीठी रोटी बनाकर खाई जाती है।साथ ही लोग चर्च में क्रॉस को चूमकर प्रभु यीशु का स्मरण करते हैं
रविवार को मनाया जाएगा ईस्टर संडे
आपकों बताए कि गुड फ्राइडे हर साल ईस्टर संडे से पहले यानी की 3 दिन पूर्व फ्राइडे को आता है।मसीह समुदाय ये त्योहार बड़े ही भक्तिभाव से मनाते है।वही गुड फ्राइडे ईसाई धर्म के लिए बहुत ही पवित्र दिन माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान यीशु मसीह ने अपने प्राण त्याग दिए थे। इस दिन ईसाई धर्म के लोग श्रद्धा, प्रेम, सत्य और विश्वास के रास्ते पर चलने का प्रण लेते हैं। कई लोग इस दिन काले कपड़े पहनकर शोक मनाते है।इस दिन व्रत भी रखते हैं। गिरजाघरों में घंटा न बजाकर लकड़ी के खटखटे बजाकर चर्च में क्रास चूमकर ईसा मसीह का स्मरण करते है। धार्मिक मान्यताओ के अनुसार आज के दिन गुडफ्राइडे को अपने प्राण त्याग कर प्रभु ईसा मसीह ईस्टर संडे को पून: जीवित हो उठे थे।इसी वजह से ईसाई धर्म के लोग गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु के बलिदान को याद करते हैं।








































