‘युद्ध अभ्यास’ में गरजा अपाचे AH-64E, पहाड़ से रेगिस्तान तक सैन्य ताकत का प्रदर्शन, अमेरिकी सैनिकों के साथ भारतीय सेना दिखा रही दमखम

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Yudh Abhyas 2026 : उत्तराखंड के औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड और राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत और अमेरिका की सेनाएं प्रशिक्षण ले रही हैं। द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2026’ में भारतीय सेना के AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर अपनी ताकत का एहसास करा रहे हैं।दिल्ली : भारत और अमेरिका सैन्य क्षमताओं को मजबूत बनाने की दिशा में युद्ध अभ्यास कर रही हैं। उत्तराखंड के औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड और राजस्थान की रेतीली धरती पर द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2026’ में भारतीय सेना के AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर शामिल किए गए हैं। इंडियन आर्मी के अपाचे हेलीकॉप्टर भारतीय और अमेरिकी सैनिकों के साथ मिलकर एकीकृत परिचालन अभ्यास (Integrated Operational Practice) कर रहे हैं। इस अभ्यास में हवाई और थल सेनाओं के बीच तालमेल, संयुक्त मिशन प्लानिंग और युद्ध के दौरान समन्वित कार्रवाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिक संयुक्त मिशन की योजना बनाने, युद्धक्षेत्र में समन्वय स्थापित करने और इंटीग्रेटेड युद्धाभ्यास करने पर ध्यान दे रहे हैं। अपाचे हेलीकॉप्टरों की भागीदारी से सैनिकों को थल सेनाओं के साथ अटैक एविएशन के एकीकरण का वास्तविक परिचालन परिस्थितियों में अभ्यास करने का अवसर मिल रहा है।भारतीय सेना के मुताबिक, इस प्रशिक्षण से दोनों सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी यानी एक-दूसरे के साथ मिलकर प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता मजबूत हो रही है। इसमें साझा प्रक्रियाओं, संचार और विभिन्न सैन्य अभियानों के बीच बेहतर समन्वय को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।भारतीय सेना के अतिरिक्त महानिदेशालय जनसंपर्क (ADG PI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अभ्यास से जुड़ी जानकारी साझा की। ADG PI ने कहा कि ‘युद्ध अभ्यास 2026’ के दौरान भारतीय सेना और अमेरिकी सेना के बीच इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाने के लिए पहाड़ी और रेगिस्तानी इलाकों में एकीकृत प्रशिक्षण किया गया।

अटैक हेलीकॉप्टर ऑपरेशन का अभ्यास

भारतीय सेना के मुताबिक, इस दौरान छोटे हथियारों से फायरिंग, तोपखाने की कार्रवाई, लंबी दूरी की हथियार प्रणालियों और अटैक हेलीकॉप्टर ऑपरेशन का अभ्यास किया गया। दोनों सेनाओं ने समन्वित ड्रिल, सिंक्रोनाइज्ड युद्ध प्रक्रियाओं और संयुक्त सैन्य क्षमताओं के इस्तेमाल के जरिए प्रशिक्षण लिया। ADG PI ने कहा कि इस अभ्यास से दोनों सेनाओं के बीच आपसी समझ, परिचालन समन्वय और विश्वास मजबूत हुआ है।

हथियारों और ड्रोन सिस्टम पर भी जानकारी साझा

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भी ‘युद्ध अभ्यास 2026’ को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि भारतीय और अमेरिकी सेनाएं अभ्यास के दौरान हथियारों, सैन्य उपकरणों और मानवरहित प्रणालियों (Unmanned Systems) को लेकर एक-दूसरे के साथ जानकारी साझा कर रही हैं।

गोर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि ‘युद्ध अभ्यास’ पूरी गति से जारी है और अमेरिकी तथा भारतीय सेना के सैनिक हथियारों, उपकरणों और मानवरहित प्रणालियों के बारे में एक-दूसरे के अनुभव और जानकारी साझा कर रहे हैं। ‘युद्ध अभ्यास 2026’ का यह 22वां संस्करण है। द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास का आयोजन एक साथ दो स्थानों पर किया जा रहा है। उत्तराखंड के औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड और राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में दोनों देशों की सेनाएं प्रशिक्षण ले रही हैं। इस अभ्यास में भारत और अमेरिका की ओर से करीब 600-600 सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं। अभ्यास में अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों में संयुक्त अभियानों, युद्ध प्रक्रियाओं और सैन्य क्षमताओं के इस्तेमाल पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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