दक्षिण सामान्य वन मंडल बालाघाट वन परिक्षेत्र सामान्य लालबर्रा के द्वारा आगामी अग्नि सीजन को दृष्टिगत रखते हुए वनों को आग से बचाने के लिए २८ फरवरी को वन विभाग के द्वारा दर्जनों वनग्रामों में जागरूकता रैली निकालकर ग्रामीणों को जंगल में महुआ बीनते वक्त आग न लगाने का संदेश देते हुए वनों एवं वन्यजीवों की रक्षा करने की अपील की गई। यह जागरूकता रैली वन परिक्षेत्र अधिकारी हर्षित सक्सेना के मार्गदर्शन में जागरूकता रैली निकाली गई और यह रैली ध्वनि विस्तारक यंत्र के साथ वन परिक्षेत्र के ग्राम टेकाडी, पूरनटोला, कटंगटोला, पंढऱापानी, रानीकुठार, गनखेड़ा, बीजाटोला, बघोली, साल्हे, चिचगांव, खैरगोंदी, बोरीटोला, बहियाटिकुर और चितालटोला सहित अन्य वनग्रामों में पहुंचकर ग्रामीणजनों को जंगल में आग लगाने के परिणाम एवं नुकसानों के बारे में जानकारी दी। साथ ही वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी घर-घर पहुंचकर ब’चो को टाफी, चॉकलेट देकर उनके परिवार वालों को जंगल में महुआ बीनते समयआग न लगाने का संदेश दिया गया। आपकों बता दे कि फरवरी माह से महुआ गिरना प्रारंभ हो जाता है और जंगल से लगे ग्रामों के ग्रामीणजन जंगल में महुआ चुनने जाते है और महुआ के पेड़ के नीचे से सूखे पत्ते को हटाकर आग लगा देते हैं उसके बाद महुआ बीनते हैं लेकिन लगाई गई आग को बुझाना भूल जाते हैं जिसके कारण जंगल में फैलने वाली आग वनों और वन्यजीवों के लिए बेहद नुकसानदायक होता है इसलिए वन विभाग के आला अधिकारी और कर्मचारी ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर जंगल में महुआ व किसी काम से जाते है तो आग न लगाने की समझाईश दी है उसके बाद भी आग लगाते पाये जाते है तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।
दूरभाष पर चर्चा में वन परिक्षेत्र अधिकारी हर्षित सक्सेना ने बताया कि अग्नि सीजन को मद्देनजर रखते हुए वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दर्जनों वनग्रामों में जागरूक रैली निकालकर ग्रामीणजनों को वनों में लगने वाली आग से बचाने एवं महुआ बीनते समय आग न लगाने जागरूक किया गया है क्योंकि आग लगने से पर्यावरण एवं वन्यजीवों के लिए नुकसान होता है साथ ही यह भी बताया कि वनों में आग की घटनाओं की रोकथाम के लिए तत्काल वन विभाग को सूचना देने कहा गया है ताकि वन्यजीवों एवं जीव-जंतुओं को समय पर बचाया जा सके क्योंकि जंगलों में आग लगने से पेड़ों को नुकसान होने के साथ ही वन्यजीवों का जीवन भी खतरे में आ सकता है एवं आग की घटनाओं से पर्यावरण दूषित होता है इसलिए ग्रामीणों से अपील है कि वनों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में वन विभाग का सहयोग करेें।








































