पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी वन विभाग अंतर्गत ग्राम पंचायत टेकाड़ी में वन्य प्राणी नीलगाय के शिकार की घटना प्रकाश में आयी है। इसमें विभाग के द्वारा टेकाड़ीटोला के तालाब से वन्य प्राणी नीलगाय का शव बरामद कर पांच शिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया है वहीं एक शिकारी फ रार चल रहा है। घटना में वन विभाग के द्वारा वन्य जीव संरक्षण अधिनियम १९७२ यथा संशोधित वन्य जीव संरक्षण संशोधन अधिनियम २०२२ की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही हैं। वहीं ९ मार्च को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।
नीलगाय का करेंट बिछाकर किया गया शिकार
होली पर्व को लेकर दक्षिण सामान्य वन परिक्षेत्र कार्यालय अमला वन क्षेत्र में बहुत ज्यादा सक्रिय था। जहां वन विभाग के द्वारा लगातार गस्ती एवं ग्रामीणों को वन क्षेत्र में नहीं जाने वन्य प्राणियों को नुकसान ना पहचाने के लिए माइक के माध्यम से जागरूक किया जा रहा था। इसी दौरान ८ मार्च की सुबह गस्ती के दौरान वन विभाग कार्यालय को सूचना मिली कि ग्राम टेकाड़ी के निजी तालाब में एक वन्य प्राणी नीलगाय मृत अवस्था में पड़ी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी छत्रपाल सिंह जादौन के निर्देश पर परिक्षेत्र सहायक अशोक कुमार भालाधरे वन हमले के साथ मौके पर पहुंचे। जहां देखा गया कि टेकाड़ी के टेकाड़ीटोला में निजी तालाब था जो कुछ किसानों की भूमि पर बना हुआ था। जिसमें तुलाराम वरकड़े के हिस्से वाली तालाब की भूमि पर मादा नीलगाय मृत पड़ी हुई थी। जिसकी अनुमानित उम्र करीब ढाई वर्ष थी वन्य प्राणी के शरीर में कुल्हाड़ी एवं विद्युत करेंट के घाव थे। जिस पर वन विभाग को शिकार की पुष्टि हो गई विभाग के द्वारा तालाब सहित आसपास के क्षेत्र में बारीकी से निरीक्षण किया गया। जहां सुखचंद मर्सकोले के खेत के पास से गुजरने वाली ११ केवी विद्युत लाइन के माध्यम से करीब १५० मीटर तक जीआई तार पड़ा हुआ था। यह तार करेंट बिछाकर शिकार के लिए उपयोग किया गया था। जिसके बाद समस्त जानकारी वन अमले के द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। जिनके मार्गदर्शन में डॉग स्कॉर्ट की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की डॉग मौके की गंध का पीछा करते हुए टेकाड़ी ग्राम में पहुंचा। जहाँ वह राज पिता मानसिंह कंगाली उम्र २० वर्ष के घर में घुस गया विभाग के द्वारा उक्त व्यक्ति को शिकार के संदेह पर अभिरक्षा में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई। जिसके द्वारा उसके साथ अन्य पांच व्यक्तियों के शिकार में शामिल होने की जानकारी दी गई। जिस पर वन अमले के द्वारा सभी को गिरफ्तार कर परिक्षेत्र कार्यालय लाकर उनसे विस्तृत पूछताछ की गई। इस दौरान ६ में से ५ ही आरोपी गिरफ्तार हो पाए एक आरोपी फरार हो गया था। जिसमें विभाग के द्वारा सभी आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर गिरफ्तार पांच आरोपियों को वारासिवनी न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
यह आरोपियों पर इन धाराओं में हुआ अपराध दर्ज
वन विभाग के द्वारा डॉग स्कॉर्ट की मदद से नीलगाय के शिकार के आरोपी राज पिता मानसिंह कंगाली उम्र २० वर्ष ग्राम टेकाडी निवासी को अभिरक्षा में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई। जिसके द्वारा सुभान्शु पिता रतिराम भलावी उम्र २५ वर्ष ग्राम भजियापार, धर्मेन्द्र पिता अशोक उईके उम्र ३२ वर्ष भजियापार, राजेन्द्र पिता भीकचंद मडावी उम्र ३४ वर्ष, सुरेश पिता शेरसिंह पन्द्रे उम्र ३० वर्ष, कमल पिता केशवराय उइके तीनो टेकाडी निवासी के द्वारा शिकार किए जाने की बात कही गई। वन विभाग ने राज कंगाली सहित अन्य चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जिसमें कमल पिता केशवराय उइके टेकाडी निवासी घटना की जानकारी लगते ही फ रार हैं। इसमें फ रार व्यक्ति की सरगर्मी से पतासाजी की जा रही है। विभाग के द्वारा सभी आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम १९७२ यथा संशोधित वन्य जीव संरक्षण संशोधन अधिनियम २०२२ की धारा २ की १६ ख ,धारा ९,३९,५०,५१,५२,५७ के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया है।
वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है-अशोक भालाधरे
परिक्षेत्र सहायक अशोक भालाधरे ने बताया कि हमारे द्वारा वन क्षेत्र में लगातार निगरानी गस्ती के माध्यम से करते हुए लोगों को मुनादी के माध्यम से जागरूक करने का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान ८ मार्च की सुबह नीलगाय के शिकार की सूचना मिली मौके पर जाकर देखें तो तुलाराम वरकड़े की जमीन जो तालाब में है उसे पर नीलगाय मृत पड़ी थी। नीलगाय के घाव से करेंट से शिकार करने का संदेह होने पर जांच की गई तो पास ही में की तार प्राप्त हुआ। शिकार के लिए यह तार बिछाया गया होगा जिसमें नीलगाय फं सने से उसकी मौत हो गई। मामले में डॉग स्कॉर्ट के माध्यम से जांच करवारकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है एक फ रार है। सभी के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया हैं।
इनका रहा सराहनीय योगदान
इस कार्यवाही में रेंजर छत्रपाल सिंह जादौन ,डिप्टी रेंजर अशोक कुमार भालाधारे ,वनरक्षक भवानी बिसेन, आलोक पटले ,दीपेंद्र परमार, लोकेश टेंभरे ,मोहित सोनी ,रत्नदीप बोरकर ,साधुराम पारधी ,सुनील मरावी, अशोक परते ,जगदीश बांगडे ,लक्ष्मीकांत डेकाटे ,हितेश चचाने सहित अन्य सुरक्षा श्रमिक और बाघ मित्र का सराहनीय योगदान रहा।










































