नगर पालिका परिषद अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के पात्र हितग्राहियों को १ वर्ष बीत जाने के बाद भी द्वितीय किश्त प्राप्त नहीं होने के कारण खुली छत के नीचे झोपड़ी डालकर या किराए से रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्र में निवासरत कई लोगों ने वर्ष २०२० के प्रारंभ में आवेदन किया था जिन्हें प्रथम किश्त अप्रैल २०२० में शासन के द्वारा जारी की गई थी जिस पर सभी ने अपने घरों को तोडक़र पक्का कर निर्माण करने के लिए कार्य प्रारंभ कर दिया था और झोपडिय़ा बनाकर या किराए से दूसरों के मकान में रहकर अपने घर का निर्माण कर रहे थे। परंतु यह निर्माण कार्य कुछ दिनों बाद स्थिर हो गया क्योंकि शासन के द्वारा जो प्रथम किस्त की गई थी उसमें लोगों के द्वारा सज्जा हाइट तक ही मकान का निर्माण हो सका उसके बाद से लगातार वर्तमान तक हितग्राही नगर पालिका के चक्कर काट रहे हैं कि उन्हें दूसरी किस्त दे दी जाए तो वे अपने घरों पर छत डाल कर रहना प्रारंभ कर देंगे जिससे कि उन्हें विभिन्न प्रकार की दिक्कतों का सामना ना करना पड़ेगा। परंतु नगर पालिका के द्वारा लगातार शासन से राशि ना आने का हवाला दिया जा रहा है जिसके कारण पीएम आवास के हितग्राहियों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है । ऐसे में कई लोग त्रिपाल की झोपड़ी बनाकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं वहीं कुछ लोग किराए में रह रहे हैं। झोपड़ी में रहने वालों को यह दिक्कत हो रही है कि वर्तमान में बरसात का मौसम प्रारंभ हो गया है और बरसात का पानी उनकी झोपड़ी में चले जाने से रात मे जाग कर निकालना पड़ता है जिन्हें सांप बिच्छू और कीड़े मकोड़ों का डर लगा रहता है। वही किराए के मकान में निवास कर रहे लोगों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है क्योंकि लगातार उन्हें दूसरे के घर में रहकर किराया देना होता है जिससे उनके परिवार पालन में दिक्कतें आ रही है। इसमे वर्तमान तक द्वितीय चरण के पात्र हितग्राहियों को अंतिम किस्त ५० हजार रुपए की और तृतीय चरण के पात्र हितग्राहियों को दूसरी किश्त १ लाख रुपए की मिलना है जिसका वह बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि उन्हें यदि यह किस्त मिल जाती है तो उनके अधूरे काम पूर्ण हो जायेगा और वह एक अच्छे स्थान पर रह सकेगी। जिसके लिए सभी पात्र हितग्राहियों ने नगर पालिका से मांग की है कि वह जल्द से जल्द उन्हें प्रधानमंत्री आवास की अन्य किश्त उपलब्ध कराएं जिससे वे अपने मकानों को पूर्ण कर सकें।
दूसरी किश्त नहीं मिलने से झोपड़ी बनाकर रह रहे है- प्रेमलता बारेकर
पदमेश से चर्चा में प्रेमलता बारेकर ने बताया कि १ साल से ज्यादा समय हो गया है पक्का मकान बनाने के लिए घर को तोड़े है और अभी तक हम किराए से रह रहे थे परंतु कुछ दिनों पूर्व आर्थिक तंगी के कारण मकान के पीछे खाली स्थान पर कच्चा मकान बनाकर तीन शेड डालकर झोपड़ी में रह रहे हैं। क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत जो दूसरी किश्त मिलना था वह नहीं मिल पाई है जिससे कई प्रकार की दिक्कतें हो रही है। श्रीमती बारेकर ने बताया कि शासन ने जो राशि दी थी उसमें स्लेप हाइट तक मकान का निर्माण कर लिया गया है स्लेप डालना है जिसके लिए सरकार से दूसरी राशि नहीं आई है। तीसरे चरण में हमारा नाम आया था जिसकी मात्र एक किश्त मिली है जो पिछले मई २०२० में प्राप्त हुई थी शासन से मांग है कि जल्द अन्य राशि भी उपलब्ध कराएं ताकि घर को पूरा पूर्ण कर अच्छे स्थान पर रह सके।
किश्त के अभाव ने नही बना घर- दिलीप मेश्राम
दिलीप मेश्राम ने बताया कि मकान बना रहे हैं २ साल हो गया मई २०२० में पहली किश्त १ लाख रुपए की मिली थी जिसके बाद से कोई किस्त नहीं मिली है इसलिए मकान का काम अधूरा पड़ा हुआ है। यदि हमें जल्द किस्त मिल जाए तो जल्द से जल्द पूरा घर तैयार हो जाएगा परंतु राशि ना आने के कारण बरसात में मकान खुला पड़ा है और ईट खराब हो रही है खिडक़ी खराब हो रही है ऐसी कई दिक्कत है। श्री मेश्राम ने बताया कि कॉलोनी में ही किराए से कमरा लिए है जहां पर रहते हैं यदि जल्द किश्त मिले तो घर बना कर रहना प्रारंभ कर देंगे। वर्तमान में मटेरियल खराब हो रहा है और किराया देने से आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है अभी मटेरियल का रेट भी बढ़ गया है जिससे परेशानी तो होगी परंतु जल्दी किश्ते मिलती है तो घर जल्दी बन जाएगा।
१ वर्ष से ज्याद हो गये किराये के घर मे रहते है- प्रमिला पटले
प्रमिला पटले ने बताया कि हमारे आवास की किश्त नहीं आ रही है कितने दिन हो गए हैं करीब 1 वर्ष से ज्यादा हो गया है और हम किराए में रह रहे हैं। जहां कमरे का दो हजार रुपए प्रतिमाह किराया हम देते हैं क्योंकि रहने के लिए घर नहीं बना है केवल सज्जा हाइट तक घर बना है शासन से जितना पैसा मिला था और हमारे पास जो था उसमें जितना कर पाए हैं उतना करने का पूरा प्रयास किये है। श्रीमती पटले ने बताया कि पिछले साल एक किश्त मिली थी जिसके बाद कुछ नहीं मिला है अधिकारी आते हैं पर पता नहीं वह क्या करते हैं तो और अब तो दिखते भी नहीं है यदि हमें किश्त मिले तो हम अपनी छत डालकर घर को पूर्ण करें। जिससे हमें समस्या नहीं होगी वरना अभी किराए के अलावा दो मकान का बिजली बिल और नल बिल पटाना पड़ता है जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और परिवार पालन में दिक्कत आ रही है।
इनका कहना है
परिषद थी तो प्रथम चरण में १ वर्ष के अंदर पूरी किश्त दे दी गई थी परंतु २ साल हो गए हैं परिषद खत्म हुए जिस कारण से अधिकारी कार्यवाही पूरी नहीं कर रहे हैं। जब भी नगर पालिका में जाते हैं तो भोपाल लिस्ट भेज दिए हैं । अभी दूसरे चरण की ५०००० रुपए की राशि और तीसरे चरण की १ लाख रुपए की किश्त आनी है परंतु हितग्राहियों के द्वारा अभी तक तो किराए में रहकर ५० हजार रुपए किराया मे दे दिया गया है जिससे वे आर्थिक तंगी से भी जूझ रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आगामी किश्तों के लिए संपूर्ण कार्यवाही कर दस्तावेज भोपाल भेज दिए गए है। क्योंकि राशि वहीं से आनी है और इसके लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है जैसे ही राशि भोपाल से प्राप्त होती है हितग्राहियों कों वितरण कर दी जायेगी।









































