पिछले 1 वर्ष से ट्रकों सहित अन्य बड़े वाहनों की बैटरिया चोरी होने वाले मामले में वारासिवनी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है ।जहां पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर वाहनों की बैटरी चुराने वाले दो सगे भाई सहित बैटरी की खरीदी करने वाले एक व्यापारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों में एक नाबालिग का भी समावेश है ।जहां पुलिस ने मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों के पास से कुल 30 नग बैटरी जप्त की है। जिसकी कुल कीमत 3 लाख रु बताई जा रही है। पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों में थाना लालबर्रा ग्राम बेहरई निवासी 22 वर्षीय विवेक पिता रामप्रसाद कोटांगले, विवेक के नाबालिग भाई सहित चोरी की बैटरी खरीदने वाले बैंहर रोड वार्ड नंबर 4 निवासी 28 वर्षीय जुबेर पिता रफीक खान को गिरफ्तार किया है। जहा पुलिस ने विवेक और उसके नाबालिग भाई के पास से 12नग बैटरी, और व्यापारी जुबैर के पास से 18 नग, ऐसे कुल 30नग बैटरी जप्त की है।जिसकी कीमत 3लाख रु बताई गई है।यह तमाम जानकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डाबर द्वारा बुधवार को कंट्रोल रूम में आयोजित की गई एक पत्रकार वार्ता में दी गई है।जिन्होंने इस मामले में अन्य खुलासा होने की भी बात कही है।
पुलिस को देख भाग रहे थे आरोपी
प्राप्त जानकारी के अनुसार वारासिवनी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम गर्रा और उसके आसपास के गांवों में पिछले 1 वर्ष से लगातार ट्रकों एवं अन्य वाहनों से बैटरी चोरी होने की शिकायत पुलिस को मिल रही थी। जिसपर थाना वारासिवनी में अपराध कायम कर अज्ञात आरोपियों के संबंध में पतासाजी की जा रही थी ।लेकिन बैटरी चोरी की इन वारदातों में लगातार इजाफा हो रहा था। जिसे गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी वारासिवनी द्वारा एक टीम का गठन किया गया था। जहां गठित टीम द्वारा घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और सीसीटीवी फुटेज में आए संदिग्धों की तलाश की गई। साथ ही मामले को लेकर मुखबिरो को भी सक्रिय किया था।इसी बीच 19 जुलाई को विवेचना के दौरान गर्रा क्षेत्र में हुई चोरी की घटना और आरोपियों के चेहरेे सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिए, जिसे मुखबिरों को दिखाने पर।मुखबिरों ने जानकारी दी कि फुटेज में दिख रहे दोनों लडक़े थाना लालबर्रा ग्राम बेहरई निवासी विवेक कोटांगले और उसका छोटा भाई है। सूचना के आधार पर संदेही विवेक कोटांगले और उसके छोटे भाई की पतासाजी के लिए ग्राम बेहरई रवाना किया गया। जहा दोनो लडक़े ग्राम लेंडेजरी और मझापुर के बीच नाले के पास दिखे उनके पास एक मोटरसाइकिल में कुछ रखा हुआ था जो पुलिस को देखकर भागने लगे ।जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ा गया। जिनके पास रखिए 12 वोल्ट की 2 नग बैटरी बरामद की गई। जहां मौके पर हुई बारिश और पूछताछ के लिए सुरक्षित जगह ना होने पर दोनों भाइयों को पुलिस ने थाना लाकर पूछताछ की। जिसमें उन्होंने उक्त दोनों बैटरी गर्रा क्षेत्र से चोरी करना स्वीकार किया। जब दोनों से थाने में अन्य बैटरी चोरी होने के संदर्भ में पूछताछ की गई तो उन्होंने गर्रा और उसके आसपास के क्षेत्रों में अक्टूबर 2021 से लेकर अब तक लगभग 30 बैटरी चोरी करना स्वीकार कियाा। जिसमें दोनों आरोपियों के घर सेे 8 तो वही जंगल में छिपाकर रखी गई 2 बैटरी जप्त बरामद की गई। जिन्होंने अलग-अलग समय में बालाघाट की बस स्टैंड की दुकान के दुकानदार जुबेर खान को सस्ते दामों में बैटरी बेचना बताया।आरोपियों द्वारा अपना जुर्म स्वीकार करने पर वारासिवनी पुलिस ने उनके खिलाफ धारा 266, 289 ,290, 291, 292, 294 धारा 379 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया।
दोनो भाइयों से चोरी की बैटरी खरीदता था जुबेर खान
बताया जा रहा है कि बहरई निवासी इन दोनों भाइयों से चोरी की बैटरियां खरीदने का काम बस स्टैंड कंपलेक्स स्थित रजा बैटरी संचालक जुबेर खान करता था। जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर उसे पूछताछ शुरू की। जिसने आरोपी विवेक कोटांगले और उसके भाई से लगभग 1 साल से बैटरी खरीदना ,बैटरी को किराए पर देना और खराब होने पर स्क्रैप में उन्हें बेचना स्वीकार किया। जिसपर पुलिस ने आरोपी खान की दुकान से 13 नग और किराए पर दी गई 5 नग एसे कुल 18 नग बैटरी बरामद की। वही बैटरी किरायेदारों द्वारा पूछताछ में बताया गया कि यह बैटरी उन्होंने रजा बैटरी के दुकानदार जुबेर खान से किराए पर ली है।वे बैटरी किराए पर लेकर उनका उपयोग करते थे। जिस पर जुबेर खान द्वारा चोरी का माल खरीदने और उसका व्यवसायिक उपयोग करने पर धारा 291, 292, 411 और 413 भंादवी के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों को गिरफ्तार करने में इन्होंने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
बैटरी चोरी करने वाले इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस वारासिवनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी वारासिवनी कैलाश सोलंकी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था। जिसमें उप निरीक्षक शशांक राणा ,आर एस दांगी, सहायक उप निरीक्षक बीजु माम्मन, सत्येंद्र पटले, तरुण सोनेकर, कपूरचंद बिसेन ,प्रधान आरक्षक दारा सिंह बघेल,शुभेंद्र डहरवाल, आरक्षक सुनील बिसेन, विरेद्र रावतकर, पप्पू उईके, आलोक बिसेन, लक्ष्मण सपाटे का विशेष योगदान रहा।









































