नई दिल्ली/लखनऊ: नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) में यूपी का आने वाला क्षेत्र अगले कुछ वर्षों में देश में तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में शामिल होगा। मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे के बाद मेरठ-गाजियाबाद-दिल्ली रैपिड रेल परियोजना वेस्ट यूपी के लिए बड़ी सौगात बनेगी।
परियोजना को समय से पहले पूरा करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। मेट्रो से तीन गुना तेज चलने वाली रैपिड रेल एनसीआर को नई उड़ान देने वाली है।

केंद्र और प्रदेश सरकार के ज्वाइंट वेंचर में बन रहे इस परियोजना का करीब 68 किमी का हिस्सा यूपी में है। साहिबाबाद से दुहाई के बीच 17 किमी का प्राथमिकता खंड 2023 तक और 2025 तक दिल्ली से मेरठ तक पूरा कॉरिडोर शुरू होने की उम्मीद है।

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर होंगे 24 स्टेशन
मेरठ-गाजियाबाद-दिल्ली रैपिड रेल परियोजना की लंबाई 82.15 किमी है। मेरठ में आरआरटीएस नेटवर्क पर स्थानीय परिवहन सेवाएं भी मिलेंगी। इसके लिए 21 किमी की दूरी में 13 स्टेशन बनेंगे। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर दो डिपो स्टेशनों सहित 24 स्टेशन होंगे।
हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशनों, आईएसबीटी और मेट्रो से जुड़ेंगे आरआरटीएस स्टेशन
आरआरटीएस स्टेशनों को हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशनों, अंतरराज्यीय बस टर्मिनस (आईएबीसटी), दिल्ली मेट्रो स्टेशनों जैसे परिवहन के विभिन्न साधनों के साथ जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने में सुविधा मिलेगी। फेज-1 के सभी 3 कॉरिडोर सराय काले खां में मिलेंगे और इंटरऑपरेबल होंगे, जिससे यात्रियों को बिना ट्रेन बदले एक से दूसरे कॉरिडोर तक यात्रा करने में मदद मिलेगी।









































