विद्वान सत्र न्यायाधीश अमरनाथ केसरवानी की अदालत ने हत्या के मामले में दो आरोपी खुमेर डहारे 35 वर्ष और देवेंद्र नांगोड़े 22 वर्ष दोनों ग्राम बाघा टोला थाना बहेला निवासी को आजीवन कारावास और प्रत्येक को 5-5 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किए।
यह घटना बहेला थाना क्षेत्र के ग्राम बाघा टोला की है। इन दोनों आरोपी के विरुद्ध मानसिक रूप से कमजोर युवक की गला घोटकर हत्या करने का आरोप था।
अभियोजन के अनुसार किशोर उर्फ खोंगल मानसिक रूप से कमजोर था जिसका इलाज उसके परिजनों द्वारा नागपुर में करवाए जा रहा था ।
19 अक्टूबर 2020 की रात्रि 9 बजे किशोर घर से खाना खाकर मंदिर की ओर गया था जो रात्रि में वापस नहीं आया। दूसरे दिन 20 अक्टूबर सुबह परिजनों ने किशोर को तलाश किया। 12बजे बहेला नहर किनारे किशोर की लाश पाई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया कि किशोर की गला घोटकर हत्या की गई है। मर्ग जांच उपरांत धारा 302 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच में पाया गया कि 19 अक्टूबर की रात्रि में किशोर को खुमेर और देवेंद्र के साथ उनके मोटरसाइकिल में अंतिम बार देखा गया था।
दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तब दोनों ने किशोर की गला घोटकर हत्या करना कबूल किया।









































