भूजल स्तर पाताल में खैरी नदी से योजना जोडऩे की मांग तेज
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खैरलांजी में इन दिनों पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। भीषण गर्मी और गिरते भूजल स्तर ने ग्रामीणों के सामने जीवन मरण का संकट खड़ा कर दिया है। स्थिति इतनी विकराल हो चुकी है कि दैनिक कार्यों के लिए पानी जुटाना ग्रामीणों के लिए एक जंग जैसा हो गया है। शासन प्रशासन की सुस्ती को लेकर अब ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
आधा सूखा आधा बंद नल.जल योजना पड़ीं कमजोर
वर्तमान में ग्राम पंचायत में दो नल जल योजनाएं संचालित हैं लेकिन वे भी ग्राम की प्यास बुझाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही हैं। दो में से केवल एक योजना किसी तरह पानी दे पा रही है जबकि दूसरी योजना के माध्यम से खैरलांजी बस्ती में एक दिन छोडक़र अल्टरनेट डे पानी का वितरण हो रहा है। जानकारों के मुताबिक क्षेत्र का वॉटर लेवल १५० फ ीट से भी नीचे चला गया है जिसके कारण इन योजनाओं के स्रोत सूखने कगार पर हैं। खैरलांजी में पारंपरिक जल स्रोतों की स्थिति भी बद से बदतर हो चुकी है। ग्राम के विभिन्न रिहाइशी इलाकों में करीब एक सैकड़ा सरकारी हैंडपंप स्थापित हैं लेकिन आज इनमें से अधिकांश शोपीस बनकर रह गए हैं। कई हैंडपंपों को घंटों चलाने के बाद भी पानी की एक बूंद नसीब नहीं होती वे सिर्फ हवा उगल रहे हैं। जिन कुछ हैंडपंपों में थोड़ा बहुत पानी बचा भी है वहां से लाल और जंग युक्त दूषित पानी निकल रहा है जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। इसके अलावा ग्रामीणों के निजी ट्यूबवेल और कुएं भी पूरी तरह जवाब दे चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर कई बार शासन प्रशासन के चक्कर काट चुके हैं लेकिन अधिकारियों ने इस गंभीर विषय को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। हालांकि प्रशासन द्वारा एक और नई नल जल योजना स्वीकृत की गई है परंतु धरातल पर अभी तक कोई सार्थक कदम नहीं उठाए गए हैं। हमारी मांग की है कि खैरलांजी की नल जल योजना को तत्काल खैरी नदी से जोड़ा जाए। यदि इस योजना को नदी आधारित सरफेस वॉटर सोर्स बना दिया जाए तो भूजल स्तर पर निर्भरता खत्म होगी और ग्रामीणों को बारहमासी शुद्ध पेयजल मिल सकेगा। इस विकट परिस्थिति में ग्राम पंचायत अपने स्तर पर व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रही है लेकिन सीमित संसाधनों के कारण कोई ठोस परिणाम निकलकर सामने नहीं आ पा रहे हैं। अब ग्रामीणों की उम्मीदें आने वाले मानसून पर टिकी हैं ताकि जलस्तर में कुछ सुधार हो सके। लेकिन वर्तमान में पर्याप्त और शुद्ध पेयजल न मिलने से पूरी पंचायत में हाहाकार मचा हुआ है।
बाइट रोहित मोहारे पंच वार्ड न. 14
बुधराम बहेटवार पंच वार्ड न.12









































