पर्व विशेष पर दिख रही महगाई का मार,रंगोली के दामो में हुआ इजाफा
अन्य सामग्री भी महंगी, धनतेरस से कारोबार में उछाल आने की उम्मीद
फोटो
पदमेश न्यूज़।बालाघाट।दीपावाली 2026 का काउंटडाउन अब शुरू हो चुका है।कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि यानी 8 नवंबर दिन रविवार को दिपावाली मनाई जाएगी।दीपो के महोत्सव दीपावाली को अब महज 3 दिन शेष रह गए है। जिसके चलते जिला मुख्यालय सहित अन्य तहसील व ग्रामीण अंचलों में इस पर्व की तैयारिया जोरों पर है।वही आगामी इस पर्व को देखते हुए बाजार एक बार फिर गुलज़ार हो गया है।जैसे–जैसे दीपावली का त्योहार नजदीक आ रहा है, वैसे–वैसे तैयारियों का सिलसिला तेज होता जा रहा है। घर, दुकान, प्रतिष्ठानों में साफ–सफाई, रंगाई–पुताई के साथ सजावट का सिलसिला तेज हो गया है। व्यापारी और लोग त्योहार से पहले की तैयारियों में व्यस्त नजर आ रहे हैं।शहर हो या गांव सभी जगह दीपोत्सव की तैयारियां युद्ध स्तर पर की जा रही है।वही बाजार में भी चहल–पहल बढ़ गई।
रंगोली की सजने लगी दुकाने
पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत 6 नवंबर धनतेरस से होगी। पहले दिन धनतेरस, दूसरे दिन रूप चौदस, तीसरे दिन महालक्ष्मी पूजा, चौथे दिन पड़वा/गोवर्धन पूजा और पांचवें अंतिम दिन भाईदूज के साथ उत्सव का समापन होगा।प्रकाश पर्व दीपोत्सव के लिए लोगों ने अपने घर–दुकान व प्रतिष्ठानों में साफ–सफाई, रंग–रोगन के साथ सजावट शुरू कर दी है। दीपावली के त्योहार को खास बनाने के लिए लोग किसी भी तरह की कमी नहीं रहने देना चाहते हैं।बाजार में भी रंगरोगन और सजावटी वस्तुओं की दुकानों पर रौनक देखने को मिल रहा है। कोई तरह–तरह के कलर खरीद रहा है तो कोई सजावटी वस्तुएं। बाजार में रंगोली के रंगों की दुकानें भी सज गई हैं। कुम्हार परिवार के साथ दीयों की बिक्री के लिए दुकाने सजाए हुए है।वही हर कोई घर–आंगन को आकर्षक रूप देने में जी जान से जुटे हुआ है।
फिर बढ़ी मंहगाई
दीपावली को लेकर जहां एक ओर लोगो में खासा उत्साह है तो वही दूसरी ओर सामग्रियो के दामो का असर भी इस पर्व पर साफ देखा जा रहा है जहां रंगोली सहित अन्य वस्तुओं के दामो में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा रही है हालांकि इसके बावजूद भी लोग खरीदारी में जुटे हुए हैं। बात अगर महंगाई की करें तो रंगोली बनाने में लगने वाले उपकरण ,विभिन्न रंग ,डीजल और कच्चे मटेरियल का दाम पहले के मुकाबले महंगा हो चुके है वही व्यापारियों को पहले के मुकाबले अधिक ट्रांसपोर्ट चार्ज की देना पड़ रहा है जिसके चलते रंगोली के दामों में भी 5 प्रतिशत की वृद्धि देखी जा रही है पहले 3रु प्रति ग्लास में मिलने वाली रंगोली अब 5 रु प्रति ग्लास बेची जा रही है वहीं अन्य वस्तुओं के दामों में भी वृद्धि हो चुकी है।
डीजल मिलकर बना रहे कलर
बताया जा रहा है कि रंगोली लाने के बाद उसके विभिन्न कलर बनाने के लिए मिट्टी तेल का उपयोग किया जाता है।लेकिन वर्तमान समय में मिट्टी तेल नहीं मिल रहा है।जिसकी चलते दुकानदार मिट्टी तेल की जगह कलर बनाने के लिए अब महंगे डीजल का उपयोग कर रहे हैं। वह लागत भी रंगोली में जोड़ी जा रही है जिसके चलते रंगोली इस वर्ष पिछले वर्ष की मुकाबला महंगी है। वहीं स्थानीय स्तर गायखुरी में रंगोली का निर्माण पिछले कई वर्षों से बंद हो चुका है जिसके चलते बाहर से रंगोली लानी पड़ रही है और भाड़ा अधिक होने के चलते भाड़ा का चार्ज भी रंगोली में जुड़ रहा है।
लोगों का रुझान खरीदारी की तरफ नही है
स्थानीय दुकानदारो के अनुसार दीपावली को अभी 3 दिन शेष हैं। दीपावली नजदीक आ रही है लेकिन लोगों का रुझान खरीदारी की तरफ नही है वे रॉ मैटेरियल नागपुर, केवलारी से लाते हैं। वही रंगोली बनाने में लगने वाला मटेरियल भी महंगा हो चुका है जिसके कारण रंगोली पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष महंगी है ग्राहक बोलते हैं कि पिछले वर्ष रंगोली का कम रेट था इस वर्ष ज्यादा रेट ज्यादा है। फिलहाल शुरुआती मार्केट में रुझान ठीक नही है ।
मटेरियल महंगा होने के चलते बढ़ी है महंगाई- दुर्गा प्रसाद
वही मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान दुकानदार दुर्गा प्रसाद राउत ने बताया कि वे करीब 15 वर्षों से रंगोली बेचने का कार्य कर रहे हैं रंगोली की कीमतें हर वर्ष बढ़ रही है इस वर्ष भी मटेरियल महंगा हो चुका है वही पेट्रोल डीजल महंगा होने के चलते भाड़ा भी महंगा हो चुका है ग्राहक भी बोल रहे हैं कि महंगाई बढ़ गई है लेकिन जब हमें ही महंगा माल आ रहा है तो हम पुराने रेट में रंगोली कैसे बेच सकते हैं। उन्होंने बताया कि वे पिपरवानी से रंगोली ला रही है पहले 1500 से 1800 रुपए बोरी रंगोली मिलती थी। लेकिन अब वही रंगोली 2200 से 2500 रु बोरी मिल रही है।फिलहाल ग्राहक नहीं आ रहे हैं और अगर आते भी हैं तो बहुत ज्यादा मोल भाव करते हैं।हमे धनतेरस से मार्केट में उछाल आने की संभावना है।फिलहाल व्यापार ठंडा पड़ा है।







































