Panna Protest News: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में सिंचाई और रेल परियोजनाओं से प्रभावित ग्रामीणों ने अपने आंदोलन को तेज कर दिया है। विस्थापन और मुआवजे की मांग को लेकर 12वें दिन किसानों ने सांकेतिक ‘सूली सत्याग्रह’ शुरू किया है, जिसमें वे सरकार के खिलाफ लगातार नारेबाजी कर रहे हैं।पन्ना: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की मार झेल रहे ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। उचित विस्थापन और मुआवजे की मांग को लेकर प्रभावित गांवों के लोगों ने अपने आंदोलन को और तेज कर दिया है। विरोध प्रदर्शन के 12वें दिन ग्रामीणों ने एक अनोखा और सांकेतिक ‘सूली सत्याग्रह’ शुरू किया है।
मझगांव, रुंझ और सिंगरौली-ललितपुर रेल लाइन जैसी कई बड़ी परियोजनाओं से प्रभावित ये ग्रामीण लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इससे पहले वे अपनी आवाज उठाने के लिए ‘चिता’, ‘मिट्टी’ और ‘जल’ सत्याग्रह जैसे अनोखे प्रदर्शन भी कर चुके हैं। बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने राज्य और केंद्र सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।विस्थापन और मुआवजे पर असमंजस
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने आरोप लगाया कि कई परियोजनाएं सालों से अटकी पड़ी हैं, जिससे प्रभावित गांवों के लोग विस्थापन और डूब क्षेत्र के असमंजस में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सभी प्रभावित परिवारों के लिए अभी तक न तो पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी हुई है और न ही उचित मुआवजा तय किया गया है।प्रशासन और अन्य माध्यमों से आंदोलनकारियों पर दबाव बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन विस्थापित परिवार नियमों के तहत अपने हक का मुआवजा और पुनर्वास पाने के अधिकारी हैं। प्रशासन को व्यक्तिगत दावों की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
अमित भटनागर, आंदोलन का नेतृत्वकर्ता
जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, जारी रहेगा संघर्ष
प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि वे तब तक अपना आंदोलन बंद नहीं करेंगे जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन विस्थापन की प्रक्रिया, मुआवजे और व्यक्तिगत दावों की स्थिति पर पूरी तरह पारदर्शिता बरते ताकि उनकी अनिश्चितता खत्म हो सके।





































