बालाघाट : विद्वान अदालत में झूठी गवाही देने का मामला

0

बलात्कार जैसे गंभीर मामले में एक महिला को झूठी गवाही देना महंगा पड़ गया। जब  उच्च न्यायालय के आदेश पर इस महिला के विरुद्ध झूठी गवाही देने के आरोप में अपराध दर्ज करना पड़ा। जबकि यह महिला बलात्कार जैसे इस गंभीर मामले की फरियादिया रही है। जिसकी झूठी गवाही देने से आरोपी उच्च न्यायालय से जमानत पर छूट गया। यह मामला हट्टा पुलिस थाना का है। महिला श्रीमती ममता पति स्व. दिलीप भोतेकर 30 वर्ष ग्राम रतनारा निवासी है। जिसके विरुद्ध हट्टा थाने में धारा 22 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 8 वर्षीय लडक़ी की मां ममता भोतेकर 30 वर्ष ग्राम रतनारा निवासी ने आरोपी गोलू उर्फ जितेंद्र कुथे के विरुद्ध हट्टा थाना में रिपोर्ट की थी। जिस पर हट्टा थाना में अपराध क्रमांक उन 69/ 2020 मैं धारा 376 ्रक्च ताहि 5/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, धारा 3(2)(1) अनुसूचित जाति जनजाति निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। और इस अपराध में आरोपी गोलू उर्फ जितेंद्र कुथे को गिरफ्तार कर विशेष विद्वान अदालत में पेश किया गया। जो न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेजा गया था। इस मामले की विवेचना के दौरान पीडि़ता का डॉक्टरी परीक्षण और डीएनए कराया गया। विद्वान अदालत में प्राथिया के धारा 161 जा फो के कथन भी कराए गए थे। इसके अलावा प्रार्थिया, पीडि़ता और पीडि़ता के भाई के विद्वान अदालत मे धारा 164 जा फो के कथन कराए गए थे।  इस प्रकरण की विवेचना पूर्ण होने पर विद्वान विशेष अदालत में चालान प्रस्तुत किया गया था।

विद्वान अदालत में इस मामले के विचारण के चलते प्रार्थीया ममता भोतेकर के विद्वान अदालत में कथन करवाए गए। ममता भोतेकर ने न्यायालयीन कथन पूर्णत: पक्ष विरोधी कथन दी थी। न्यायालय में इस प्रकरण के चलते आरोपी गोलू उर्फ जितेंद्र कुथे के द्वारा उच्च न्यायालय में जमानत याचिका पेश की गई थी। बालाघाट की विशेष अदालत में ममता भोतेकर द्वारा दिए गए पक्ष विरोधी कथन के आधार पर आरोपी गोलू उर्फ जितेंद्र कुथे को जमानत का लाभ प्राप्त हो गया। उच्च न्यायालय ने बलात्कार जैसे इस गम्भीर मामले में प्रार्थिया ममता भोतेकर द्वारा दिए गए पक्ष विरोधी कथन को संज्ञान में लेते हुए बालाघाट पुलिस अधीक्षक को उक्त मामले की प्रार्थिया ममता भोतेकर के विरुद्ध धारा 22 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज करने के आदेश दिए थे। पुलिस अधीक्षक बालाघाट के निर्देश पर पुलिस थाना हट्टा में झूठी गवाही देने के इस मामले में ममता भोतेकर के विरुद्ध धारा 22 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया । जिसकी विवेचना सहायक उपनिरीक्षक श्यामप्रकाश गायधने द्वारा की जा रही है है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here