वारासिवनी(पद्मेश न्यूज)। नगर के जय स्तंभ चौक पर २५ दिसंबर को किसानों के द्वारा आत्मदाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें महदोली निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य ज्ञान प्रकाश उर्फ पप्पू पटेल के द्वारा आत्मदाह किया जाना था। जहां पुलिस ने सख्त निगरानी रखते हुए कार्यक्रम प्रारंभ होने के पूर्व ही ज्ञान प्रकाश उर्फ पप्पू पटेल को अपनी अभीरक्षा में लेकर पुलिस थाने में नजर बंद कर दिया गया। इसके बाद किसानों का आक्रोश देखने को मिला हालांकि पुलिस के द्वारा चौक से किसानों के मंच की तरफ आ रहे पप्पू पटेल को पुलिस गाड़ी में बैठाल लिया गया। जहाँ किसानों के द्वारा दौडक़र पुलिस को रोकने का प्रयास किया गया परंतु पुलिस ने उन्हें गाड़ी में बैठालकर थाने में ले जा लिया गया। इसके बाद किसानों के द्वारा थाना परिसर में जमकर नारेबाजी की जाती रही । जिन्हें थाना प्रभारी बीवी टांडिया के द्वारा समझाइस देकर वापस भेज दिया गया। जिसके बाद मंच के माध्यम से किसानों के द्वारा अपना आक्रोश व्यस्त करते हुए थाना प्रभारी को एसडीएम के नाम का ज्ञापन देकर पप्पू पटेल को जल्द रिहा करने की मांग करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर भारी संख्या में कृषक गण मौजूद रहे।
जय स्तंभ चौक से पप्पू पटेल को पुलिस ने किया गिरफ्तार
किसानों को धान का ३१०० रुपये समर्थन मूल्य दिलाने को लेकर पूर्व जिला पंचायत सदस्य ज्ञान प्रकाश उर्फ पप्पू पटेल के द्वारा २५ दिसंबर को आत्मदाह की घोषणा विगत दिवस की गई थी। जिनके द्वारा सरकार से कोई रिस्पांस ना मिलने पर २३ दिसंबर को ज्ञापन देकर आत्मदाह की सूचना दी गई थी। इसके बाद से पुलिस प्रशासन के द्वारा पप्पू पटेल की खोज नजरबंद करने के लिए की जा रही थी। जो उनके हाथ नहीं लगने पर २५ दिसंबर को सुबह से नगर के विभिन्न स्थानों और कार्यक्रम स्थल पर पुलिस प्रशासन के द्वारा नजर बनाकर रखी गई थी। इस दौरान जय स्तंभ चौक की चाय दुकान के पास से आंदोलन स्थल की ओर आ रहे पप्पू पटेल को पुलिस के अधिकारी और कर्मचारियों के द्वारा देखकर उन्हें रोका गया और तत्काल पुलिस वाहन में उन्हें बैठाने का प्रयास किया गया। इस दौरान किसान भी दौडक़र आए जहां किसानों और पुलिस के बीच थोड़ी देर गहमागहमी होने के बाद पुलिस वाले पप्पू पटेल को गाड़ी में बैठाल कर थाने के लिए रवाना हो गए। तो वहीं किसान भी नारेबाजी करते हुए थाने परिसर में पहुंचे जहां उनके द्वारा उनके नेता को रिहा करने की मांग की गई। हालांकि पुलिस के द्वारा समझाइस देकर उन्हें वापस कर दिया गया।
आम सभा का हुआ आयोजन
जय स्तंभ चौक पर थाने से किसान लौटे जिनके द्वारा आम सभा का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित किसान नेताओं के द्वारा सभा को संबोधित करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त कर नारेबाजी की जाती रही। किसानों ने कहां की सरकार किसानों से झूठ बोल रही है लगातार वादा खिलाफ ी कर रही है यह समस्त किसानों का अपमान हो रहा है। जबकि किसान ने आपसे मांगा नहीं था आपके वादे पर बहुमत दिया। विधानसभा में भारी बहुमत से आप सरकार में आये लोकसभा में मध्य प्रदेश की २९ में से २९ लोकसभा सीट दी गई। उसके बाद भी प्रदेश के किसानों के साथ इस प्रकार का व्यवहार ठीक नहीं है सहित अन्य प्रकार की बातें भी कही गई।
किसानों ने थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन
आमसभा के पश्चात किसानों के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वारासिवनी के नाम का ज्ञापन थाना प्रभारी बीवी टांडिया को सौंपकर किसानों के धान का समर्थन मूल्य ३१०० रुपये दिये जाने सरकार के द्वारा किए गए वादे को किसानों के हित में पूरा करने की मांग की गई। ज्ञापन में उल्लेखित है कि हम किसान साथियों को सरकार के द्वारा समर्थन मूल्य ३१०० रूपये धान का दिये जाने की बात कही गई थी। किंतु सरकार बनने के बाद उस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पिछले वर्ष २०२३ और चालू वर्ष २०२४ में धान का समर्थन मूल्य किसानों को नहीं दिया गया है। जिसको लेकर किसानों के द्वारा २ दिसंबर से खरीदी केंद्र में धरना ,वारासिवनी खैरलांजी ९ दिसंबर को, १० दिसंबर को संपूर्ण जिला बंद कर आक्रोश भी व्यक्त किया गया था। इसी मांग को लेकर महदोली निवासी ज्ञानप्रकाश उर्फ पप्पू पटेल के द्वारा २५ दिसंबर को जय स्तंभ पर किसान हित में आत्मदाह की चेतावनी दी थी। वह आंदोलन करने जा ही रहे थे कि पुलिस प्रशासन के द्वारा उन्हें नजर बंद कर गिरफ्तार कर लिया गया जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। पुन: चेतावनी देते हैं कि यदि समर्थन मूल्य ३१०० रुपये पिछले खरीदी की अंतर की राशि ९१७ रुपये यदि किसानों को जल्द नहीं दी जाती है। तो उग्र आंदोलन किया जाएगा और अनेकों किसानों के द्वारा आत्मदाह करेंगे जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।
सरकार ने किसानों से वादा कर धोखाधड़ी की है-उपेन्द्र बिसेन
किसान नेता उपेंद्र बिसेन ने कहा कि हमारे भाई पप्पू पटेल आत्मदाह करने वाले थे यह किसान आंदोलन चल रहा है जिसमें संगठन के लोगों ने अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाई है। किसान चाहे बालाघाट या किसी भी तहसील के हो सभी ने एक आवाज सुनने की पप्पू पटेल ने आत्मदाह करने का निर्णय लिया है। किसानों को ३१०० रूपये की धान खरीदी प्राप्त हो इस मांग को लेकर शासन को आवाज पहुंचाने किसानों की एकता के प्रतीक ज्ञान प्रकाश पटेल ने आत्मदाह का निर्णय लिया। जैसा सरकार ने किसानों से वादा कर धोखाधड़ी की है। विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा ३१०० रुपये समर्थन मूल्य धान का देने के लिए और बोनस देने की भी बात कही गई थी। सरकार के पक्ष में किसानों ने बहुमत दिया परंतु आज उसी किसानों को क्या.क्या समस्या देखनी पड़ रही है एवं उन समस्याओं का सामना भी किसान को ही करना पड़ रहा है।
किसानों ने भाजपा को सत्ता दी सत्ता ने किसानों को धोखा दिया -अरविंद चौधरी
किसान गर्जना प्रदेश अध्यक्ष अरविंद चौधरी ने कहा कि जिले की सांसद कहती है कि उनके द्वारा वह भाई साहब से बात कही है ५०० बोनस दिलाएंगे। तो भारती पारधी यदि पहले यह बताती तो किसान विचार करता पूरी २९ सीट किसानों ने सरकार को दी पर सरकार ने किसानों के साथ छलावा कर झूठ बोला और जब वादे को पूरा करने का समय आया तो मानसिक प्रताडि़त करने का काम कर रहे हैं। बालाघाट जिले का किसान मानसिक प्रताडि़त नहीं होगा वह आपको प्रताडि़त करेगा । हमने उनसे कहा था कि केंद्रीय कृषि मंत्री प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री है उनसे वह डिमांड करें क्योंकि घोषणा उन्होंने की थी। सरकार के मुखिया कहते है सरकार पर कर्ज हुआ है तो वादा नहीं करना था इनके पास हर निर्माण कार्य करने के लिए रुपये है किसान को देने के लिए नहीं जब सरकार पर कर्ज था तो वादा ना करते और जब किया है तो निभाना पड़ेगा। वादा जब तक पूरा नहीं होगा किसान इन्हें नहीं छोड़ेगा और इसी का परिणाम है कि ज्ञान प्रकाश पटेल ने आत्मदाह करने की बात कही थी। यह लगातार झूठ बोलते जा रहे हैं जिससे परेशान होकर किसान आत्महत्या के लिए भी तैयार हो रहे हैं यह तो केवल चिंगारी थी आगे और बहुत कुछ है।
पप्पु पटेल को आत्मदाह करने के पूर्व ही पुलिस ने गिरफतार कर लिया-सुभाष पारधी
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ अध्यक्ष सुभाष पारधी ने कहा कि हमारा कार्यक्रम १२ बजे आत्मदाह करने का था और यह कार्यक्रम पूर्व नियोजित नीति के अनुसार रखा गया था। किंतु हमारे किसान नेता पप्पू पटेल मंच पर आ रहे थे तभी उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जिन्हें छोडऩे की मांग हमारे द्वारा की जा रही है और घटना स्थल से हमारे द्वारा विरोध करते हुए पुलिस थाने तक गये थे जहां पर थाना प्रभारी से चर्चा हुई जिन्होंने कह दिया कि हम कार्यवाही करेंगे। इस घटना से किसानों में काफ ी रोष है किसानों को सरकार ने समर्थन मूल्य देने का वादा किया था एक नहीं अनेकों बार मंचो से उनके द्वारा कहा गया था। जो पूरा नहीं होने पर हमारे किसान नेता पूर्व जिला पंचायत सदस्य पप्पू पटेल के द्वारा आत्मदाह की चेतावनी सरकार को दी गई थी हमारे द्वारा थाना प्रभारी को ज्ञापन देकर कार्यक्रम समापन किया गया है।
इनका कहना है
दुरभाष पर चर्चा में बताया कि ज्ञानप्रकाश पटेल के द्वारा किसानों के हित में आत्मदाह की चेतावनी दी गई थी। जिन्हे गिरफतार कर भारतीय नागरिक सूरक्षा संहिता की धारा १७०,१२६/१३५ के तहत प्रकरण तैयार कर तहसीदार की कोर्ट में पेश किया गया।










































