आपसी वर्चस्व की लड़ाई मेंं तेंदुए की मौत होने की आशंका, एसओपी के तहत हुआ अंतिम संस्कार, जांच में जुटा वन विभाग
पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड लामता परियोजना मंडल बालाघाट के अंतर्गत परियोजना परिक्षेत्र लालबर्रा के राजस्व क्षेत्र कंजई स्थित नहर के समीप खेत के पास उस समय सनसनी फैल गई। जब ग्रामीणों और वन अमले ने नहर के समीप स्थित खेत के पास एक मादा तेंदुए का शव को शुक्रवार को देखा। इस तरह शुक्रवार की शाम में तेंदुए का शव मिलने की खबर फैलते ही आसपास के इलाकों में हडक़ंप मच गया। वहीं घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जिसके बाद शव को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर २४ अक्टूबर को वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम द्वारा उसका विधिवत पोस्टमार्टम किया गया तत्पश्चात उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन और शासकीय प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शावक के शव का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं प्रारंभिक जांच और मादा तेंदुए के शव की स्थिति को देखकर आशंका जताई जा रही है कि तेंदुए के इस शावक की मौत या तो वर्चस्व की लड़ाई में हुई है अथवा किसी अन्य बड़े जंगली जानवर द्वारा किये गये हमले से उसकी जान गई है। वन विभाग मामले की जांच में जुट गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड लामता परियोजना मंडल बालाघाट के अंतर्गत परियोजना परिक्षेत्र लालबर्रा के अंतर्गत बीट दक्षिण कंजई के वन भूमि कक्ष क्रमांक ७५० से लगे राजस्व क्षेत्र में २३ अक्टूबर को मादा तेंदुआ शावक की मृत्यु की घटना प्रकाश में आई। जिसकी सूचना मिलते ही वन विभाग के द्वारा एनटीसीए नई दिल्ली एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक भोपाल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप त्वरित कार्यवाही की गई। वहीं वन विभाग की टीम ने तत्काल घटनास्थल को सुरक्षित कर डॉग स्काड की मदद से आसपास के खेतों और नहर के किनारों की बारीकी से छानबीन की गई। वहीं अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर मौत के सभी संभावित कारणों जैसे आपसी वर्चस्व की लड़ाई, बीमारी, करंट अथवा किसी अन्य साजिश की गहनता से पड़ताल की जा रही है। कंजई से लगे नहर के समीप खेत के पास मादा तेंदुए का शव मिलने से वन विभाग की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे है। वहीं तेंदुए का शव मिलने के बाद कंजई टोला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
अंग सुरक्षित मिले, चिकित्सकों की टीम ने किया पोस्टमार्टम
पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी के वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश मिश्रा एवं लालबर्रा की पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिल्पा साहू द्वारा मृत तेंदुआ शावक का पोस्टमार्टम किया गया। चिकित्सकों की जांच में शावक के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाये गये। वहीं पोस्टमार्टम होने के बाद वन विभाग के द्वारा निर्धारित मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करते हुए अधिकारियों की मौजूदगी में मृत मादा तेंदुए शावक का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं वन विभाग ने वन्यजीव अपराध प्रकरण दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। कंजई के समीप नहर के समीप खेत के पास तेंदुआ का शव मिलने के संबंध में वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच और शव की स्थिति को देखकर यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि तेंदुए के इस शावक की मौत या तो आपसी संघर्ष के कारण हुई है, अथवा किसी अन्य बड़े वन्यप्राणी द्वारा किये गये हमले में उसकी मौत हुई है। फिलहाल विसरा रिपोर्ट और विशेषज्ञों की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा। घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में जहां एक ओर कौतूहल का विषय बना हुआ है, वहीं वन विभाग की टीम भी क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चौकस हो गई है।










































