भारतीय युवा कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन की अनुमति न मिलने पर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। चुनाव आयोग पर मतदाता सूची पुनरीक्षण में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए युवा कांग्रेस इस्तीफे की मांग कर रही है।राजधानी दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) द्वारा जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करने की अनुमति को लेकर दिल्ली पुलिस के इनकार का मामला अब दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंच गया है। सोमवार को न्यायमूर्ति अमित महाजन की अदालत में इस याचिका पर अहम सुनवाई हुई।
अदालत की कार्यवाही शुरू होते ही दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि वह इस पूरे विषय पर पुलिस अधिकारियों से आवश्यक दिशा-निर्देश लेकर मंगलवार को पीठ को सूचित करेंगे। एएसजी के इस बयान को ध्यान में रखते हुए न्यायमूर्ति अमित महाजन ने मामले की अगली सुनवाई मंगलवार के लिए तय कर दी।चार दिन पहले ही दाखिल की गई थी याचिका
हालांकि, याचिकाकर्ता युवा कांग्रेस की तरफ से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने सुनवाई टलने पर आपत्ति जताई। उन्होंने अदालत का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि यह याचिका चार दिन पहले ही दाखिल कर दी गई थी। इतने समय में पुलिस के पास स्पष्ट निर्देश लेने का पर्याप्त अवसर था। लूथरा ने जोर देकर आग्रह किया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुनवाई सोमवार को ही पूरी की जानी चाहिए।
दिल्ली पुलिस ने पत्र को दी थी चुनौती
गौरतलब है कि युवा कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के माध्यम से यह याचिका दायर की है। इसमें दिल्ली पुलिस द्वारा 1 अक्टूबर को जारी उस पत्र को चुनौती दी गई है, जिसमें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था।
कांग्रेस की युवा इकाई का आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में भारी गड़बड़ियां और अनियमितताएं हुई हैं। इसी मुद्दे को लेकर संगठन मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहता है। अब मंगलवार को होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।









































