पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। नगर मुख्यालय से सटी ग्राम पंचायत पनबिहरी से चिचगांव पहुंच मार्ग के अत्यंत खराब होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सडक़ पर जगह-जगह बने गहरे गड्डों के कारण आये दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। सबसे बदतर स्थिति बरसात के दिनों में होती है, क्योंकि यह मार्ग कच्चा है। इसके बावजूद लालबर्रा मुख्यालय तक कम दूरी और सीधा मार्ग होने के कारण चिचगांव, खैरगोंदी सहित आधा दर्जन गांवों के ग्रामीणजन, राहगीर और स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएं इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। लेकिन जिम्मेदारों के द्वारा सडक़ की इस बदहाली की ओर ध्यान नही दिये जाने से ग्रामीणों एवं राहगीरों में शासन-प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
बारिश में कीचड़ से बदतर होते हैं हालात, जिम्मेदार मौन
आपकों बता दें कि ग्राम पंचायत पनबिहरी से चिचगांव पहुंचने के लिए यह सीधा मार्ग है और इस मार्ग से स्कूल, कालेज के छात्र-छात्राओं के साथ ही ग्रामीणजन भी इसी मार्ग से लालबर्रा मुख्यालय आना-जाना करते है परन्तु मार्ग का खस्ताहाल होने के कारण आवागमन करने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही कच्चा मार्ग होने के कारण बरसात के दिनों में यह मार्ग कीचडऩुमा हो जाने से आने-जाने वाले ग्रामीण एवं स्कूल-कालेज के छात्र-छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और मार्ग में बने गड्डों में पानी जमा होने से स्कूल-कालेज के छात्र-छात्राओं की यूनिफार्म गंदी होने के साथ ही साइकिल के पार्टस भी खराब हो जाते है जिससे वे समय पर स्कूल-कालेज नही पहुंचाने पर उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होती है। लेकिन प्रशासन के द्वारा इस कच्चा मार्ग का पक्का निर्माण के लिए कोई प्रयास नही किये जा रहे है जिससे ग्रामीणजनों एवं राहगीरों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने बताया कि पनबिहरी से चिचगांव पहुंचने का यह मुख्य और सीधा रास्ता है। कच्चा मार्ग होने के कारण बारिश के दिनों में यह पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है। गड्डों में पानी भरे होने से साइकिल और दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल होते है। साथ ही मार्ग के दोनों ओर घनी झाडिय़ां होने से वन्यप्राणियों के छुपे रहने का भी डर बना रहता है और सबसे अधिक परेशानी स्कूल व कालेज में पढ़ाई करने आने वाले विद्यार्थियों को उठानी पड़ती है। कीचड़ और गंदे पानी के छींटों से बच्चों की यूनिफॉर्म खराब हो जाती है, साथ ही समय पर स्कूल-कॉलेज न पहुंच पाने के कारण उनकी पढ़ाई पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
नेताओं और अधिकारियों को कई बार दी सूचना, सिर्फ मिला आश्वासन
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि इस सडक़ की समस्या को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं तथा डामरीकरण सडक़ निर्माण की मांग भी कर चुके हैं। इसके बावजूद अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों एवं राहगीरों ने एक बार फिर शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि जनहित को देखते हुए पनबिहरी से चिचगांव पहुंच मार्ग का जल्द से जल्द डामरीकरण (पक्की सडक़) निर्माण करवाये। ताकि आवागमन में हो रही परेशानियों से निजात मिल सके।
बाईट – उरकुड़ पटले ग्रामीण।










































