बिना सफाई के हो रहा माइनर नहर का मरम्मत कार्य, गुणवत्ता पर उठे सवालटूट-फूट से खेतों तक नहीं पहुंचता पानी,

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पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। सिंचाई विभाग द्वारा क्षेत्र के किसानों की जीवनदायिनी मानी जाने वाली नहरों के रखरखाव में भारी लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। नगर मुख्यालय से लगभग ८ किमी. दूर स्थित टेकाड़ी ला. सर्राटी जलाशय से निकली बोरी-बकोड़ा माइनर नहर में इन दिनों सिंचाई विभाग द्वारा मरम्मत कार्य करवाया जा रहा है। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि मरम्मत कार्य से पहले नहर की कोई साफ-सफाई नहीं की गई है। बिना झाडिय़ां साफ किये और मिट्टी हटाये सीधे तौर पर किये जा रहे इस निर्माण कार्य के चलते इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि नियमत: विभाग को सबसे पहले नहर के अंदर और किनारों पर उगी झाडिय़ों व खरपतवार की साफ-सफाई करवानी थी, उसके बाद ही मरम्मत कार्य शुरू किया जाना चाहिए था। घनी झाडिय़ों और मलबे के कारण नहर में कहां-कहां टूट-फूट हुई है, इसका पता लगाना बिल्कुल असंभव है। यदि पहले सफाई की जाती, तो नहर की वास्तविक स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई देती और तकनीकी रूप से यह सटीक आंकलन हो पाता कि किन स्थानों पर मरम्मत की सबसे ज्यादा आवश्यकता है। हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि इस बोरी-बकोड़ा माइनर नहर से सिंचित होती है। हर साल नहर में जगह-जगह टूट-फूट होने के कारण पानी टेल (अंतिम छोर) के खेतों तक नहीं पहुंच पाता। इस बार उम्मीद थी कि अच्छा काम होगा, लेकिन बिना सफाई के हो रही मरम्मत कार्य से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि शासन की राशियों का दुरूपयोग किया जा रहा है। क्षेत्रीय किसानों ने जल संसाधन विभाग एवं निर्माण कंपनी से टेकाड़ी ला. से बोरी-बकोड़ा माइनर नहर की झाडिय़ों की पहले सफाई करवाकर गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कार्य करवाने की मांग की है ताकि आसानी से पानी किसानों के खेतों तक पहुंच सके।

सिंचाई विभाग निभा रहा औपचारिकता

आपकों बता दे कि टेकाड़ी ला. सर्राटी जलाशय से निकली बोरी-बकोड़ा माइनर नहर का विगत वर्ष पूर्व की लाखों रूपयों की लागत से सीमेन्टीकरण नहर का निर्माण किया गया है। लेकिन निर्माण गुणवत्तापूर्ण नही होने के कारण निर्माण के एक साल बाद ही सीमेन्टीकरण नहर जगह-जगह से टूट-फुट यानि क्षतिग्रस्त होने लगी है और दरारे आ चुकी है। साथ ही नहर की पार एवं अंदर उग चुकी झाडिय़ों की भी लंबे समय से साफ-सफाई नही करवाई गई है। जिसके कारण टेल क्षेत्र तक पानी नही पहुंच पाता है, जिससे पानी के अभाव में फसल प्रभावित होती है। वहीं लंबे समय से किसानों के द्वारा इस माइनर नहर का मरम्मत कार्य एवं झाडियों की साफ-सफाई करवाने की मांग कर रहे थे। जिसके बाद जल संसाधन विभाग हरकत में आया और क्षतिग्रस्त स्थानों की मरम्मत कार्य करवा रहा है जबकि पहले झाडिय़ों की साफ-सफाई करवाना चाहिए था उसके बाद टूट-फूट वाले स्थान पर मरम्मत कार्य करवाना चाहिए किन्तु ऐसा नही किया जा रहा है सिर्फ मरम्मत के नाम पर खाना पूर्ति की जा रही है जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है। वहीं किसानों ने आरोप लगाया है कि सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार मिलकर सिर्फ कागजी खानापूर्ति और औपचारिकता निभाने में जुटे हैं। बिना झाडिय़ां साफ किये कांक्रीट या मिट्टी का काम करने से यह मरम्मत ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी और पहली ही बारिश या पानी की तेज धार में बह जायेगी। ऐसे में किसानों को आगामी सीजन में भी सिंचाई के संकट से जूझना पड़ सकता है।

झाडिय़ों की सफाई एवं गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कार्य करवाने मांग

क्षेत्र के जागरूक किसानों और ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों सहित जिला प्रशासन से टेकाड़ी ला. से बोरी-बकोड़ा माइनर सीमेन्टीकरण नहर की बिना झाडिय़ों की सफाई किये बिना मरम्मत कार्य किये जाने के इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। किसानों की स्पष्ट मांग है कि वर्तमान में चल रहे इस बिना सफाई वाले कार्य को तत्काल रोका जाये, पहले पूरी माइनर नहर की झाडिय़ों व मलबे को साफ कर उसकी वास्तविक स्थिति उजागर करने, उसके बाद ही तकनीकी मापदंडों के अनुसार पूरी गुणवत्ता के साथ मरम्मत कार्य को अंजाम दिये जाने की मांग की है, ताकि अंतिम छोर पर बैठे किसान के खेत तक भी पानी सुचारू रूप से पहुंच सके। अब देखना यह है कि अन्नदाताओं की इस जायज मांग पर विभाग के आला अधिकारी क्या कदम उठाते हैं, या फिर हमेशा की तरह इस बार भी सरकारी राशि का दुरूपयोग होता है।

दूरभाष पर चर्चा में बोरी सरपंच प्रतिनिधि प्रेमसुन्दर बारमाटे ने बताया कि टेकाड़ी ला. जलाशय से निकली बोरी-बकोड़ा माइनर नहर का दो वर्ष पूर्व सीमेंटीकरण निर्माण किया गया है। लेकिन निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण नही होने के कारण जगह-जगह से नहर क्षतिग्रस्त हो चुकी है एवं झाडिय़ां उग आई है जिसके कारण किसानों के खेतों तक पानी नही पहुंच पाता है। श्री बारमाटे ने बताया कि जल संसाधन विभाग के द्वारा सीमेन्टीकरण नहर का झाडिय़ों की बिना सफाई करवाये मरम्मत कार्य करवाया जा रहा है जो सिर्फ खानापूर्ति है। जबकि पहले झाडिय़ों की सफाई करवाना चाहिए उसके बार गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कार्य करवाये नही तो समस्या कुछ दिनों मेें जस की तस हो जायेगी। प्रशासन से मांग है कि स्थल निरीक्षण कर मरम्मत कार्य में बरती जा रही अनियमितता की जांच कर दोषियों पर कार्यवाही करें।

जल संसाधन विभाग के एई उदयसिंह परस्ते से दूरभाष पर टेकाड़ी ला. से बोरी-बकोड़ा माइनर नहर का बिना सफाई किये मरम्मत कार्य करवाये जाने एवं गुणवत्तापूर्ण मरम्मत करवाने के संबंध में चर्चा करने का प्रयास किया गया किन्तु संपर्क नही हो पाया।

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