शासकीय चावल हेराफेरी मामले का मुख्य आरोपी ड्राइवर दुर्गेश शेन्डे गिरफ्तार

0

सिवनी बाईपास से गायब दो अन्य ट्रक भी जब्त, दो मास्टरमाइंड अब भी फरार

पद्मेश न्यूज।वारासिवनी। शासकीय चावल की अवैध रीसाइक्लिंग और हेराफेरी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद वारासिवनी पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। ३ जून २०२६ को संचेती राईस मिल में पकड़े गए संदिग्ध चावल से भरे ट्रक के बाद पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही भारतीय खाद्य निगम डिपो से गायब हुए दो अन्य ट्रकों को भी पुलिस ने लावारिस हालत में बरामद करने में सफ लता पाई है।

१५ जून की रात हुई पहली गिरफ्तारी

मामले की जांच कर रही वारासिवनी पुलिस ने १५ जून २०२६ की रात २३.१५ बजे बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ट्रक चालक दुर्गेश पिता प्रेमलाल शेन्डे उम्र ३७ वर्ष निवासी वार्ड नं.२ मेहंदीवाड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। जिसे जेएमएफसी न्यायालय वारासिवनी में पेश कर पुलिस ने अग्रिम पूछताछ के लिए उसकी रिमांड की मांग की है।

सिवनी बाईपास से मिले गायब दो और ट्रक, आरोपी चालक फरार

इस पूरे घटनाक्रम में जांच में सामने आया कि एफ सीआई नवेगांव डिपो बालाघाट से एथेनॉल प्लांट के लिए कुल तीन ट्रक चावल निकला था। घटना के दिन ३ जून केवल एक ट्रक क्रमांक सीजी ०४ जेडी ३१४७ ही संचेती राईस मिल परिसर से पकड़ा गया था जबकि बाकी के दो ट्रक गायब थे। वारासिवनी पुलिस को १६ जून को सूचना मिली कि गायब हुए दोनों ट्रक सिवनी बाईपास के पास खड़े हैं। पुलिस ने तत्काल कार्यवाही करते हुए ट्रक क्रमांक एच आर ५५ ए ७८८० और पी बी ०३ ए डब्लू ८४२१ को लावारिस हालत में जब्त कर लिया है। पुलिस के आने की भनक लगते ही दोनों ट्रकों के चालक गाड़ी छोडक़र मौके से फ रार हो गए। पुलिस दोनों ट्रकों को वारासिवनी थाने ले आई है और उन्हें सुरक्षित अभिरक्षा में खड़ा करवाया गया है।

यह था पूरा मामला

यह पूरा मामला ३ जून २०२६ का है जब वारासिवनी तहसीलदार श्रीमती वंदना कुसराम और नायब तहसीलदार सुरेश उपाध्याय ने गुप्त सूचना के आधार पर लालबर्रा रोड स्थित संचेती राईस मिल के परिसर में आकस्मिक छापा मारा था। वहां ४९० बोरियों में कुल २४२.५५ क्विंटल शासकीय चावल से लदा एक ट्रक खड़ा मिला था। चालक दुर्गेश शेन्डे के पास परिवहन या चावल से जुड़े वैध कागजात विपुल पास रसीद नहीं थे। पूछताछ में पता चला कि यह चावल एफ सीआई नवेगांव डिपो से एवीजे एग्रीक प्राइवेट लिमिटेड एथेनॉल प्लांट बोरगांव छिंदवाड़ा के लिए जारी हुआ था। लेकिन उसे सीधे छिंदवाड़ा ना ले जाकर वारासिवनी में ही खपाने की नीयत से संचेती राईस मिल के शेड में छिपाकर खड़ा कर दिया गया था। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की रिपोर्ट पर ५ जून २०२६ को वारासिवनी पुलिस ने अपराध क्रमांक २७२/२६ के तहत भारतीय न्याय संहिता २०२३ की धारा ३१६,३ और ३/५ के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में दुर्गेश शेन्डे ट्रक चालक, राहुल प्रताप अधिकृत प्रतिनिधि एवीजे एग्रीक प्राइवेट लिमिटेड एथेनॉल प्लांट छिंदवाड़ा, सौरभ संचेती संचेती राईस मिल वारासिवनी को आरोपी बनाया गया जिसमें दुर्गेश शेंडे गिरफ्तार हो गया है अभी भी दो आरोपी फ रार हैं। इसमें प्रशासन के अनुसार यह कस्टम मिलिंग की आड़ में शासन को भारी आर्थिक क्षति पहुंचाने और शासकीय चावल की अवैध रीसाइक्लिंग करने की यह एक सोची समझी बड़ी साजिश थी।

पुलिस का अगला कदम

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस फ रार चल रहे राईस मिल मालिक सौरभ संचेती और एथेनॉल प्लांट के प्रतिनिधि राहुल प्रताप की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार ड्राइवर दुर्गेश शेन्डे से रिमांड के दौरान पूछताछ में इस रैकेट से जुड़े कई और सफेद पोशों के नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल तीनों ट्रक पुलिस की सुरक्षित कस्टडी में हैं।
0000000000000000000000

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here