वारासिवनी। नगर में सूदखोरी के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अपनी कार्यवाही तेज कर दी है। क्षेत्र में सक्रिय सूदखोरों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने आरोपी सुनील पिता पीतम लाल अरोरा के विभिन्न ठिकानों पर दबिश देकर बड़ी सफलता हासिल की है। न्यायालय से रिमांड मिलने के बाद पुलिस सुनील अरोरा को साथ लेकर उसके संदिग्ध ठिकानों की बारीकी से जांच कर रही है।सोमवार को पुलिस की एक विशेष टीम शासकीय वाहन से आरोपी सुनील अरोरा को लेकर पंजबाड़ा मोहल्ला पहुंची। यहां वार्ड नंबर 14 की गली में स्थित आरोपी की एक छोटी दुकान को उसकी मौजूदगी में खोला गया। दोपहर करीब 1:00 बजे शुरू हुई यह तलाशी अभियान देर शाम 6:00 बजे तक निरंतर जारी रहा। इस छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक और कई संदिग्ध दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। पुलिस प्रशासन ने मौके पर ही बरामद किए गए सभी साक्ष्यों की सूची तैयार कर पंचनामा बनाया और उन्हें विधिवत सील कर दिया। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि सुनील अरोरा ने गिरफ्तारी के डर से या सुरक्षा की दृष्टि से अपने कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज अन्य लोगों के पास भी रखवाए थे। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए संबंधित व्यक्तियों को तत्काल थाने तलब किया जिसके बाद उनके पास से भी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस रिमांड के दौरान सुनील अरोरा से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। इसी पूछताछ के आधार पर नगर के अन्य स्थानों पर भी छापामार कार्यवाही की जा रही है ताकि सूदखोरी के इस जाल की जड़ों तक पहुंचा जा सके। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को अपने जाल में फंसाया है और अवैध रूप से कितनी संपत्तियां अर्जित की हैं। हालांकि बरामद दस्तावेजों की कुल संख्या और उनके विवरण को लेकर पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस की इस सक्रियता से नगर के अन्य सूदखोरों में भी हड़कंप मचा हुआ है।










































