नई दिल्ली: भारत की ईंधन आत्मनिर्भरता और ग्रीन एनर्जी की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में 100 प्रतिशत इथेनॉल (Ethanol) ईंधन के इस्तेमाल को कानूनी रूप से मंजूरी दे दी है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य पेट्रोल-डीजल के महंगे आयात पर भारत की निर्भरता को कम करना और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस बारे में शुक्रवार को जानकारी देते हुए कहा, ‘कल यानी शनिवार रात ठीक 8 बजे मैंने 100 प्रतिशत इथेनॉल के उपयोग को कानूनी रूप से अधिकृत करने वाले नियमों की फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।’ उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए भावुक अंदाज में कहा कि शुरुआत में जब वे इस तकनीक की बात करते थे, तो लोग उन पर हंसते थे और आलोचना करते थे, लेकिन आज यह हकीकत बन चुका है।आयात बिल घटाने की तैयारी
गडकरी ने भारत के भारी ईंधन आयात बिल का जिक्र करते हुए कहा कि देश फिलहाल 22 लाख करोड़ रुपये का आयात करता है। इस आयात को धीरे-धीरे कम करने के संकल्प के तहत अब देश में ही गैस का उत्पादन होगा और पेट्रोल-डीजल के विकल्प पूरी तरह तैयार हो जाएंगे, जिसमें इथेनॉल एक बेहद व्यावहारिक और मजबूत विकल्प बनकर उभरेगा।










































