पदमेश न्यूज़, बालाघाट।मार्च माह के अंत और अप्रैल की शुरुआत से ही लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां अचानक मौसम में बदलाव के चलते तापमान में गिरावट देखी जा रही है तो वही बीच में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी तो कहीं हल्की से मध्य के बीच बारिश देखने को मिल रही है।मौसम में आए अचानक बदलाव के बीच बीती रात करीब 2 घंटे तक रूक-रूककर हुई बारिश हुई। मौसम में बदलाव और बारिश से मौसम में बढ़ रही तपिश से लोगों को राहत मिली है। बालाघाट में बारिश से, खेतो में लगी रबी की धान को फायदा है। हालांकि कुछ जगह, खेतो में काटकर पड़े गेहू की फसल के भींग जाने से नुकसान की बात कही जा रही है, लेकिन वह आंशिक है, दरअसल, हालिया दिनो में बदलते मौसम के कारण, किसानों ने पहले ही गेंहू की फसल को काटकर सुरक्षित कर लिया था। फिलहाल, प्रदेश सहित मौसम परिवर्तन का असर बालाघाट में भी देखा गया और रात हुई बारिश से लोगों को पड़ रही गर्मी से राहत मिली।
गरज चमक के साथ बरसे बदरा
मौसम में अचानक बदलाव के बीच बुधवार की शाम नीले आसमान को काले बादलों ने घेरना शुरू कर दिया और आद्रता भारी ठंड हवाएं चलने लगी। इसी बीच रात्रि 9 बजे के बाद से मौसम में बदलाव के साथ हल्की बारिश शुरू हो गई, जो रात्रि करीब 11 बजे तक रुक-रुक कर देखने को मिली।जहा तेज हवाओं के साथ आकाशीय गर्जना हुई।वही बिजली की चमक भी देखने को मिली। इसके अगले दिन गुरुवार को सुबह से ही मौसम ढका रहा, हालांकि दोपहर के बाद तापमान में हल्की वृद्धि हुई, लेकिन शाम 3 बजे के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ली और मौसम फिर से सुहाना हो गया।
5 दिन बाद तापमान में आएगा फिर से उछाल
उधर मौसम में आए बदलाव के बीच मौसम विभाग ने गुरुवार को नगर का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, तो वही न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। मौसम विभाग द्वारा आगामी 5 दिनों तक मौसम के कुछ इसी तरह बने रहने के संकेत दिए गए हैं।जिसके बाद से एक बार फिर से तापमान में उछाल आने की संभावना जताई गई है।
रबी फसलों के लिए अमृत के समान है बारिश- मालवीय
दुरभाष पर की गई चर्चा के दौरान कृषि विभाग के उपसंचालक फूलसिंह मालवीय ने बताया कि नैचुरल बारिश से रबी में खेतो की लगी धान की फसल के लिए यह पानी अमृत बनकर बरसा है, चूंकि रबी में लगने वाली गेंहू, चना और अलसी की फसल, किसानों ने काट ली है, जिससे इन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, हल्की बारिश में यदि कहीं खलिहान में रखा गेंहू भींगा भी होगा तो वह सूख जाएगा। फसल के खराब या नुकसान होने जैसी कोई जानकारी जिले में नही है।
ऐसी बारिश होती रहेगी-अगासे
वही मौसम में आए अचानक बदलाव को लेकर दूरभाष पर की गई चर्चा के दौरान मौसम वैज्ञानिक डॉ. धर्मेन्द्र अगासे ने बताया कि ऐसा मौसम, तीन-चार दिन रहेगा और पूरी गर्मी में वातावरण के ज्यादा गर्म होने से ऐसी बारिश होती रहेगी।









































