अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल चीतल की मौत इलाज में देरी पर उठे सवाल,जांच में जुटा विभाग

0

पदमेश न्यूज़,लामता। जिले में वन्यजीवों की बढ़ती संख्या अब उनके लिए ही खतरा बनती जा रही है। कभी शिकारियों का निशाना तो कभी तेज रफ्तार वाहनों की चपेट,ऐसी ही एक दर्दनाक घटना लामता सामान्य परिक्षेत्र में सामने आई, जहां एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की ठोस से गम्भीर रूप से घायल एक वन्य प्राणी चीतल की मौत हो गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालाघाट–नैनपुर मार्ग पर पांडेवाड़ा के समीप रविवार सुबह करीब 9 बजे एक चीतल तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गया था। हादसे के बाद वह सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल अवस्था में तड़पता रहा। राहगीरों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी, लेकिन समय पर समुचित उपचार नहीं मिल पाने के कारण चीतल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

इलाज में देरी बनी मौत की वजह?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर पशुचिकित्सक की व्यवस्था करते, तो शायद चीतल की जान बचाई जा सकती थी। बताया जा रहा है कि वन रक्षकों ने घायल चीतल को ऑटो से लामता ले जाने की कोशिश की, लेकिन उपचार के अभाव में उसकी मौत हो गई।

लगातार हो रहे हादसे, फिर भी कार्रवाई नहीं
यह घटना दक्षिण सामान्य लामता परिक्षेत्र भाग-2 की है, जहां पहले भी कई वन्यजीव सड़क हादसों का शिकार हो चुके हैं। इससे पहले मगदर्रा के पास एक तेंदुआ, और दो भालू भी अज्ञात वाहनों की ठोस से अपनी जान गंवा चुके हैं। बावजूद इसके, जिम्मेदार विभाग अब तक ऐसे वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई करने, या फिर वन्यप्राणियों की बाड़ा बंदी में असफल रहा है।

वाहन की पहचान पर भी सवाल
सूत्रों के अनुसार, इस हादसे में एक काले रंग की क्रेटा कार के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। ना ही अभी तक यहां स्पष्ट हो पाया है कि कौन से वाहन से वन्यप्राणी टकराकर गंभीर रूप से घायल हुआ था और त्वरित व समुचित उपचार ना मिलने से उसकी मौत हो गई

पोस्टमार्टम तक के लिए मुख्यालय भेजा गया शव
हालांकि इस मामले में किसी भी अधिकारी का अधिकृत बयान सामने नहीं आया है लेकिन दुरभाष पर चर्चा करने पर एक अधिकारी ने बताया कि पशुचिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण घायल चीतल का समय पर उपचार नहीं हो सका। मृत्यु के बाद चीतल के शव को पोस्टमार्टम के लिए बालाघाट भेजा गया है। हालांकि विभाग द्वारा इस पूरे मामले की जांच शुरू होने की बात कही जा रही है लेकिन इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा, त्वरित उपचार व्यवस्था और विभागीय जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here