नौतपा के छठवें दिन वारासिवनी में प्रकृति का रौद्र रूप

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पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से जारी भीषण और झुलसाने वाली गर्मी के बीच शनिवार को मौसम ने अचानक ऐसा यू.टर्न लिया कि लोग हैरत में पड़ गए। नौतपा के छठवें दिन दोपहर तक आसमान से बरसती आग और ४२ से ४४ सेल्सियस तक पहुंचे पारे ने लोगों को हलाकान कर रखा था। उमस और लू के थपेड़ों के कारण दोपहर १ बजे के बाद सडक़ों पर सन्नाटा पसर जाता था और लोग कूलर , पंखे तथा शीतल जल के सहारे खुद को बचाने का जतन कर रहे थे। शनिवार को भी दोपहर तक स्थिति वैसी ही थी लेकिन शाम होते.होते कुदरत का मिजाज पूरी तरह बदल गया।

दोपहर बाद अचानक बदला मौसम,धूल के गुबार से थमी रफ्तार

दोपहर करीब ४ बजे आसमान में अचानक बादलों की आवाजाही शुरू हुई और देखते ही देखते काले.घने बादलों ने पूरे वारासिवनी को अपनी आगोश में ले लिया। करीब ४.३० बजे के बाद शुरू हुई तेज हवाओं ने कुछ ही मिनटों में भीषण आंधी-तूफान का रूप धारण कर लिया। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि सडक़ों पर धूल का ऐसा गुबार उड़ा जिससे विजिबिलिटी यानि दृश्यता ना के बराबर रह गई। वाहन चालकों को दिन में ही अपने वाहनों की लाइटें चालू कर आगे बढऩा पड़ रहा था। लेकिन उड़ती धूल के कारण सडक़ों पर चलना दूभर हो गया और लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में यहां.वहां भागने लगे। पूरे नगर में देखते ही देखते अफ रा.तफरी का माहौल निर्मित हो गया।

कहीं ढही दीवार तो कहीं उखड़े विशालकाय पेड़

इस विनाशकारी आंधी-तूफान ने नगर के बुनियादी ढांचे और प्राकृतिक संपदा को भारी नुकसान पहुंचाया। सडक़ किनारे लगी दुकानों के पाल-पर्दे और टीन शेड हवा में ताश के पत्तों की तरह उड़ गए। नगर के प्रमुख स्थानों से नुकसान की कई बड़ी तस्वीरें सामने आईं। जिसमें गांधी चौक पर स्थित सभा मंच के ऊपर बनी पैराफिट वॉल जिस पर नगर पालिका परिषद अंकित था। तेज हवा के दबाव को झेल नहीं सकी और भरभराकर धराशायी हो गई। भारतीय स्टेट बैंक के सामने स्थित लिप्टन का एक विशालकाय वृक्ष जड़ से उखडक़र सडक़ पर गिर गया। वार्ड नंबर १२ निवासी श्री करण के घर के सामने लगा एक बेहद पुराना और भारी.भरकम पेड,़ मुस्लिम शादी हॉल की बाउंड्री वॉल पर जड़ सहित उखडक़र पलट गया। इस पेड़ के गिरने से वहां से गुजर रही एलटी विद्युत लाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। थाना परिसर वारासिवनी में भी एक विशाल पेड़ गिरने से पुलिस थाने का मुख्य गेट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं बस स्टैंड परिसर में लगा नीम का पेड़ भी हवा के वेग से धराशायी हो गया। चौपाटी में वृक्षों की बड़ी.बड़ी शाखाएं टूटकर नीचे बनी दुकानों पर गिर गईं जिससे दुकानदारों को नुकसान हुआ है। इसके अलावा सब्जी बाजार में व्यापारियों के द्वारा धूप.बारिश से बचने के लिए लगाए गए पाल और तिरपाल हवा में उड़ गए जिससे पूरा बाजार अस्त.व्यस्त हो गया।

विद्युत व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त सुधार कार्य जारी

आंधी-तूफान का सबसे बड़ा असर नगर की बिजली आपूर्ति पर पड़ा है। जगह.जगह पेड़ों और उनकी शाखाओं के गिरने से ३३ केवी ११ केवी और एलटी लाइन के तार टूट गए। इसके अलावा तेज हवाओं के कारण नगर में लगे कई प्रचार फ्लेक्स और होर्डिंग्स उडक़र सीधे बिजली के तारों और खंभों में जा अटके। इसके चलते पूरे नगर की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। तूफान थमते ही बिजली विभाग की टीमें मुस्तैदी के साथ मैदान में उतर चुकी हैं और युद्ध स्तर पर तारों से फ्लेक्स हटाने तथा लाइनों को दुरुस्त करने का सुधार कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

आंधी के बाद बरसी राहत की बूंदें, छा गई सुनहरी धूप

इस भीषण आंधी-तूफान के बाद बादलों की गडग़ड़ाहट के साथ हल्की बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ जो धीरे.धीरे तेज बौछारों में बदल गया। इस बारिश ने नगर की सूखी और तपती सडक़ों को पूरी तरह तरबतर कर दिया। इस प्री.मानसून बौछार ने पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी झेल रहे वारासिवनी वासियों को भीषण तपन से बड़ी राहत दी है और मौसम में ठंडक घोल दी है। दिलचस्प बात यह रही कि बारिश थमने के तुरंत बाद आसमान साफ हो गया और पूरे वातावरण में एक बार फि र सुनहरी धूप खिल उठी जिसने प्रकृति के एक अनोखे और खूबसूरत दृश्य का अहसास कराया। फि लहाल नगरवासी जहां इस बदले मौसम से गर्मी से राहत महसूस कर रहे हैं वहीं प्रशासन और बिजली अमला आंधी से हुए नुकसान को ठीक करने में जुटा हुआ है।

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