पदमेश न्यूज़, बालाघाट।कभी उच्च क्वालिटी की सस्ती खाद ,तो कभी एवन कम्पनी का बीज, तो कभी सस्ती, टिकाऊ व आकर्षक कीटनाशक दवाई के नाम पर किसानों को ठगने का फैशन अब पुराना हो चुका है। अब लोग सरकारी योजनाओं के तहत किसानों के खेतों में सोलर पंप लगाने के नाम पर भी उन्हें ठगने का काम कर रहे हैं। यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि यह बात अब किसान खुलकर बता रहे हैं।दरअसल बालाघाट जिले के किसानों को सरकारी योजना के तहत सोलर पंप लगाने के नाम पर ठगने का एक मामला सामने आया है। जहां बिजली की बचत और खेत में सोलर पंप लगाने के नाम पर कई किसानों से हजारों रुपए वसूलने के बाद भी आज तक उनके खेतो में सोलर पंप नही लगाए गए है।जिससे किसान अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे है। जिस पर अपना एतराज जताते हुए किसानों ने कलेक्टर कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपते हुए संबंधित लोगों पर कार्यवाही करने, योजना के तहत उनके खेतों में सोलर पंप लगाने और क्षतिग्रस्त हुई नहरो की तत्काल मरम्मत किए जाने की मांग की है। जहां सौपे गए इस ज्ञापन में उन्होंने जल्द से जल्द उनकी मांग को पूरी किए जाने की गुहार लगाते हुए मांग पूरी न होने पर उन्होंने समस्त किसानों के साथ मिलकर आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी है।
8 माह पूर्व, एक कम्पनी ने ली थी पैसे, आज तक नही लगा सोलर पंप
बालाघाट जिले मे अन्नदाता किसान कई मामले मे ठगे जा रहे है तो वंही क्षतिग्रस्त नहरो की वजह से किसान फसलों के प्रभावित होने से खासे नाराज है किसानो का कहना है की उनसे हजारों रूपये लेने के कई महीनों बाद भी सोलर पम्प का सिस्टम नहीं लगाया गया ऐसे न जाने कितने किसान है जो ठगे गए है ऐसे मे सोलर सिस्टम लगाने की योजना पर भी सवाल उठने लगे है जिसको लेकर वारासिवनी क्षेत्र के भांडी पिपरिया गांव के एकदर्जन किसानो ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में ज्ञापन में माध्यम से शिकायत की है। शिकायत मे किसानो ने बताया की खेतो की सिंचाई के लिए सोलर पम्प लगाने के लिए इलाके के बहुत से किसानो से लगभग 8 माह पूर्व किलोवाट के हिसाब से एक कंपनी के द्वारा 10 हजार रूपये से लेकर 40 हजार रूपये तक लिए गए महीनों बीत जाने के बाद भी आज तक उनके खेतो मे सोलर पम्प सिस्टम नहीं लगाए गए है ऐसे मे किसानो के बीच आक्रोश पनप रहा है।
टूटू नहर की नही हो रही मरम्मत,फसल कैसे पकाएंगे
वही क्षेत्र के पीड़ित किसानो ने बताया की उनके इलाके मे सिंचाई के लिए बनाई गई नहरे जगह जगह से टूट गई है पानी खेतो मे जाने के बजाय व्यर्थ ही बहता है।जगह जगह से क्षतिग्रस्त नहरो को बनाने की मांग करने के बाद भी नहरे नहीं सुधारी गई है।एक तो वे सोलर पम्प नहीं लगने से ठगे गए है तो वंही दूसरी ओर जगह जगह से टूटी हुई क्षतिग्रस्त नहरो की वजह से सैकड़ो किसानो के सामने सिंचाई को लेकर मारामारी होती है। सिंचाई के आभाव मे किसानो की फसल का हर साल नुकसान हो रहा है।ऐसे मे किसानो के बीच आक्रोश पनप रहा है। किसानों ने उनके खेत में सोलर पंप जल्द से जल्द लगवाने और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हुई नहरों की मरम्मत कर उनके खेतों तक पानी पहुंचाने की मांग की है। वही मांग पूरी न होने पर आंदोलन किए जाने की भी किसानों द्वारा चेतावनी दी गई है।
Byte भुवन लाल पटले,किसान(पिपरिया हुड़कीटोला)
Byte श्रवण कुमार मेश्राम किसान(पिपरिया हुड़कीटोला)
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