Times Now Navbharat Explainer: फीफा वर्ल्ड कप 2026 इतिहास का सबसे बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट है। इस टूर्नामेंट का आयोजन पहली बार तीन देशों में हो रहा है। वहीं पहली बार इस आयोजन में 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं और सबसे ज्यादा 104 मैच खेले जा रहे हैं। 11 जून को मेक्सिको सिटी से शुरू हुआ यह वर्ल्ड कप 19 जुलाई को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में भव्य फाइनल के साथ खत्म होगा। 16 शहरों में बंटे इस टूर्नामेंट ने पहले ही हफ्ते में कई यादगार पल दे दिए हैं। इंग्लैंड ने क्रोएशिया को 4-2 से हराया, कोलंबिया ने उज्बेकिस्तान को 3-1 से मात दी। वहीं पहली बार टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही केप वर्डे ने दुनिया की सबसे बड़ी टीमों में शामिल स्पेन को एक आश्चर्यजनक गोल रहित ड्रॉ पर रोक दिया। इसमें उनके 40 वर्षीय गोलकीपर वोजिन्हा के शानदार प्रदर्शन का भी अहम योगदान रहा। वहीं पुर्तगाल-डीआर कांगो का मैच 1-1 पर ड्रॉ रहा। इस मैच में डीआर कांगो के स्ट्राइकर योआन विसा (Yoane Wissa) की कहानी लोगों के दिल को छू रही है। यह वही खिलाड़ी है, जो 5 साल पहले एसिड अटैक से अपनी आंखों की रोशनी खोने की कगार पर था। इसके बाद योहान ने हार ना मानते हुए खुद को एक बार फिर खड़ा किया और ह्यूस्टन में पुर्तगाल के खिलाफ हेडर लगाकर अपने देश के 52 साल के वर्ल्ड कप गोल के सूखे को खत्म कर दिया।
योआन विसा की कहानी
योआन विसा का जन्म 3 सितंबर 1996 को फ्रांस में हुआ। उनके माता-पिता डीआर कांगो से थे, इसलिए विसा के पास दोनों देशों के लिए खेलने का विकल्प था। हालांकि, उन्होंने फ्रांस में ही फुटबॉल शुरू की। शुरुआती करियर में एंजर्स, अजासियो और लोरिएंट जैसे क्लबों के लिए खेले और 2020-21 सीजन में लोरिएंट के लिए लीग-1 में 10 गोल दागकर विसा ने यूरोप के बड़े क्लबों का ध्यान अपनी तरफ खींचा। विसा 24 साल की उम्र में फ्रांस के सबसे तेज स्ट्राइकर्स में गिने जाने लगे।
उस काली रात ने बदल दिया सबकुछ
विसा जुलाई 2021 में अपने करियर के सबसे बड़े मोड़ पर थे। जब इंग्लिश प्रीमियर लीग क्लब ब्रेंटफोर्ड ने उन्हें 8.5 मिलियन पाउंड में साइन किया। ब्रेंटफोर्ड ने उनका मेडिकल चेकअप कराया और ऑफिशियल अनाउंसमेंट होना बाकी थी। इसी बीच लोरिएंट स्थित उनके घर की घंटी बजी और दरवाजे पर एक महिला खड़ी थी। उसने कहा कि वह उनकी फैन है और उनसे एक ऑटोग्राफ चाहती है। जैसे ही विसा ने दरवाजा खोला, वैसे ही अगले ही पल उनके चेहरे पर महिला ने तेजाब फेंक दिया था। दरअसल, लेटिशिया पी नाम की महिला का मकसद विसा की 2 साल की बेटी को किडनैप करना था। तेजाब सीधा विसा की आंखों में गया और वह दर्द से चीखने लगे। उनका सांस लेना भी मुश्किल हो गया। विसा की पत्नी ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और उन्हें अस्पताल लेकर गईं। जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनकी दोनों आंखों में गंभीर केमिकल बर्न है और इमरजेंसी सर्जरी करनी पड़ेगी। कोर्ट में ट्रायल के दौरान विसा ने बताया, “हर एक घंटे में नर्स आकर मेरी आंखें धोती थी। जलन इतनी थी कि सो नहीं पाता था। यह एक बुरा सपना था।” डॉक्टरों ने साफ कहा कि विसा को जिंदगी भर आंखों में ड्रॉप डालनी पड़ेगी। विसा अंधे होने से सिर्फ कुछ इंच बचे थे।










































