नई दिल्ली : NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में तफ्तीश कर रही सीबीआई की जांच पूरी हो गई है। इस मामले में फिलहाल कोई और बड़ी और नई गिरफ्तारी होने की उम्मीद बेहद कम है। इसके लिए मोटे तौर पर फाइनल ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया गया है, जिसे सीबीआई की लीगल टीम और अन्य एक्सपर्ट गंभीरता के साथ जांच रहे हैं। ताकि कोर्ट में जाने से पहले इसमें सबूतों के अभाव में या फिर अन्य किसी फ्रंट पर कहीं कोई तकनीकी कमी तो नहीं रह गई है। सूत्रों का कहना है कि अगर सबकुछ सही रहा तो अगले 10 दिनों के अंदर इस केस में सीबीआई अदालत में चार्जशीट दाखिल कर देगी।
अभी तक 13 आरोपी गिरफ्तार
सूत्रों ने बताया कि NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई ने इस मामले में अभी तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चार्जशीट में इन्हीं आरोपियों को इस पेपर लीक मामले में मुख्य रूप से आरोपी बनाया गया है। इनके अलावा जांच में अभी तक कोई अन्य हाई प्रोफाइल वाला नाम सामने नहीं आया है।सीबीआई ने 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की
इस मामले में सीबीआई ने 100 से अधिक लोगों से पूछताछ भी की। सूत्रों ने यह भी बताया कि इससे पहले जब 2024 में नीट-यूजी पेपर लीक हुआ था। उस पेपर लीक के मुकाबले इस बार हुआ यह पेपर लीक अधिक गंभीर है। मामले में बीच वाले आरोपियों ने पेपर लीक किया।
टेलीग्राम पर रोक क्यों लगाई, बताई वजह
यही वजह है कि अब फिर से नीट-यूजी के लिए होने वाले एग्जाम के लिए टेलीग्राम पर रोक लगाई जा रही है। क्योंकि, टेलीग्राम का इस्तेमाल क्रिमिनल एक्टिविटी करने वाले अब इसे नए डार्क वेब के तौर पर भी इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे पकड़ पाना फिलहाल जांच एजेंसियों के लिए फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म के मुकाबले थोड़ा मुश्किल है। सीबीआई जांच के दौरान जो भी कमियां सामने आईं हैं। आने वाले समय में उन पर काम करते हुए एनटीए की इस पेपर प्रक्रिया को पूरी तरह से लीकप्रूफ बनाने की कोशिश की जाएगी।










































