शहर के नालों और सीवेज के गंदे पानी को शुद्ध कर नदियों एवं तालाबों में छोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना फिलहाल अधूरी नजर आ रही है। बालाघाट नगर पालिका क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से चार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाए जा रहे हैं, लेकिन बरसात शुरू होने से पहले इनके पूरा होने की संभावना नहीं है। ऐसे में इस वर्ष भी शहर का गंदा पानी सीधे जल स्रोतों तक पहुंचने की आशंका बनी हुई है। जानकारी के अनुसार जिले की विभिन्न नगरीय निकायों में कुल छह वाटर एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रस्तावित हैं, जिनमें से चार का निर्माण बालाघाट नगर पालिका क्षेत्र में किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर से निकलने वाले गंदे पानी का शोधन कर उसे पर्यावरण के अनुकूल बनाना है, ताकि नदियों और तालाबों को प्रदूषण से बचाया जा सके। बताया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर नगर पालिका ने पानी की निकासी का रुख सीधे तालाबों और नदियों की ओर मोड़ दिया है, जबकि शोधन संयंत्र अभी चालू नहीं हुए हैं। इससे पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं प्रधानमंत्री आवास क्षेत्र के पास निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट इन दिनों सबसे अधिक चर्चा में है। इसके अलावा कुछ अन्य प्रस्तावित प्लांटों के लिए नगर पालिका को अब तक उपयुक्त भूमि भी उपलब्ध नहीं हो सकी है, जिसके कारण परियोजनाओं की प्रगति प्रभावित हो रही है।
शहर के नालों और सीवेज से निकलने वाले गंदे पानी को शुद्ध कर तालाबों और नदियों में छोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) परियोजना फिलहाल कई चुनौतियों से जूझती नजर आ रही है। करोड़ों रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य शहर के जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाना और सीवेज के पानी का वैज्ञानिक तरीके से उपचार करना है, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति और कई स्थानों पर भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण परियोजना तय समय से पीछे चलती दिखाई दे रही है। जिले की विभिन्न नगरीय निकायों में कुल छह सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने हैं, जिनमें से चार प्लांट अकेले बालाघाट नगर पालिका क्षेत्र में प्रस्तावित हैं। इन चार प्लांटों के निर्माण पर लगभग 35 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। योजना के तहत शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से निकलने वाले गंदे पानी और नालों के बहाव को एकत्रित कर उसका शुद्धिकरण किया जाएगा और उसके बाद ही उसे तालाबों अथवा नदियों में छोड़ा जाएगा। नगर पालिका द्वारा भटेरा रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ओवरब्रिज क्षेत्र से गौरीशंकर नगर होते हुए वैनगंगा नदी तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए एचपी साइड क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण प्रस्तावित है, ताकि नदी में जाने वाले पानी का पहले उपचार किया जा सके। हालांकि मौके की स्थिति देखें तो यहां भी निर्माण कार्य अभी शुरुआती चरण में ही बताया जा रहा है और प्लांट पूरी तरह तैयार होने में अभी समय लग सकता है। स्थिति और अधिक चिंताजनक इसलिए भी है क्योंकि शहर के अन्य प्रस्तावित प्लांटों के लिए अब तक भूमि ही तय नहीं हो सकी है। करक समता तालाब क्षेत्र में बनाए जाने वाले एसटीपी के लिए अभी भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। वहीं मोती नगर और कोसमी क्षेत्र में बनने वाले प्लांटों के लिए भी नगर पालिका को उपयुक्त जमीन नहीं मिल पाई है। इसके कारण इन स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू होना तो दूर, प्रारंभिक प्रक्रिया भी अधूरी पड़ी हुई है। मैकेनिक नगर क्षेत्र में भी परियोजना भूमि संबंधी विवादों और प्रशासनिक अड़चनों के कारण प्रभावित हो रही है। यहां प्रस्तावित कार्य अभी अधूरा पड़ा हुआ है और नगर पालिका को आवश्यक जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है। ऐसे में करोड़ों रुपये की यह परियोजना कागजों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह कब उतरेगी, यह बड़ा सवाल बन गया है। बरसात का मौसम शुरू होने की दहलीज पर खड़ा है और ऐसे समय में यह मुद्दा और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। यदि ट्रीटमेंट प्लांट समय पर तैयार नहीं होते हैं तो शहर के नालों और सीवेज का गंदा पानी सीधे नदी और अन्य जल स्रोतों में पहुंच सकता है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि बिना उपचारित पानी के जल स्रोतों में जाने से प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि नगर पालिका को पहले जमीन संबंधी समस्याओं का समाधान करना चाहिए था, ताकि निर्माण कार्य समय पर शुरू हो पाता। अब जबकि बरसात नजदीक है, ऐसे में परियोजना की धीमी गति को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। लोगों का मानना है कि यदि यह योजना पूरी तरह लागू हो जाती है तो शहर के तालाबों और नदियों को काफी हद तक प्रदूषण से बचाया जा सकेगा।
कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है- सूर्यप्रकाश उके
इस पूरे मामले में प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी सूर्यप्रकाश उके ने बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना पर कार्य जारी है। कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है, जबकि अन्य स्थानों के लिए नगर पालिका की तकनीकी टीम उपयुक्त भूमि तलाशने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी परियोजना है और इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि नगर पालिका परियोजना को जल्द पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।










































