पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। गरीबों के हक के फोर्टिफाइड चावल को एथेनॉल प्लांटों , बीयर कंपनियों और खुले बाजार में खपाने वाले अंतरराज्यीय सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस और विशेष जांच दल का शिकंजा कसता जा रहा है। मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब जेल में बंद आरोपियों में से अविनाश कावरे को पुलिस ने १० अगस्त को न्यायालय जेएमएफसी वारासिवनी में पेश कर दोबारा १४ अगस्त तक के लिए पुलिस रिमांड पर लिया है। आरोपी अविनाश कावरे पूर्व मंत्री एवं भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे का भतीजा है। पुलिस ने प्रारंभिक रूप से ३१ जुलाई को निरीक्षक अनूप कुमार उइके के द्वारा अविनाश पिता स्व.सरोज कावरे उम्र २८ वर्ष निवासी बघोली थाना भरवेली को अपराध क्रमांक २७२/२६ भारतीय न्याय संहिता की धारा ३१६(३),३३६(३), ३४०(२), ३३८, ३,५, ६१(२), २३८,३१८(३), और ३१८(४) में गिरफ्तार किया गया था। जिसे १० अगस्त को न्यायालय जेएमएफसी वारासिवनी में प्रस्तुत कर आरोपी की १४ अगस्त २०२६ तक पुलिस रिमांड हासिल की गई है। पुलिस और एसआईटी की जांच में इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट के काम करने के अनोखे और गंभीर तरीकों का खुलासा करती जा रही हैं। इसमें गरीबों में वितरण के लिए आवंटित फोर्टिफाइड राशन को प्लांटों तथा कंपनियों में खपाया जा रहा था। जिसे महंगे दामों पर खुले बाजार के राइस मिलर्स को बेचा जाता था। वह दोबारा सरकारी कस्टम मिलिंग के नाम पर जमा कराकर दोहरा मुनाफ ा कमा रहे थे। आरोपी से सिंडिकेट से जुड़े अन्य राइस मिलर्स कंपनियों के मालिकों और विभागीय अधिकारियों की संलिप्तता को लेकर गहन पूछताछ कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई अन्य बड़े नामों के खुलासे और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।










































