जर्जर पुल से मंडरा रहा हादसे का खतरा

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शिकायतों के बाद भी प्रशासन बेखबर ग्रामीणजन परेशान

पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मुरझड़ के कोसरीटोला में दो ग्राम पंचायतों मुरझड़ और नेवरगांव को जोडऩे वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित पुलियां की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। देखरेख के अभाव और बाढ़ की मार के कारण पुलिया का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की संभावना बनी हुई है।

किसानों और राहगीरों के लिए बनी बड़ी मुसीबत

पुलियां के दूसरे छोर पर गांव के अनेक किसानों की कृषि भूमि स्थित है। वर्तमान में खेती.किसानी के सीजन में ट्रैक्टर, कृषि उपकरण और बैलगाडियां ले जाने में ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुलियां का आधा हिस्सा टूटा होने के कारण मार्ग बेहद सकरा बचा है। बारिश के दिनों में टोंडिया नाले में उफ ान आने पर इस मार्ग से आवागमन और अधिक बढ़ जाता है जिससे दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इस पुलियां का निर्माण वर्ष २००६ के आसपास ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के द्वारा करवाया गया था। वर्षों पूर्व आई बाढ़ में इसका एक कोना क्षतिग्रस्त हो गया था। देखरेख नही होने से अब इसकी एक तरफ की वॉल भी नीचे धसक चुकी है। ग्राम पंचायत और ग्रामीणों द्वारा इस पुलिया के जीर्णोद्धार और नए निर्माण को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। पूर्व में पंचायत के द्वारा सुरक्षा के लिहाज से गड्ढे में मुरुम भरवाई गई थी लेकिन पिछली बारिश के पानी में वह सब बह गई और वहां दोबारा गहरा गड्ढा बन गया। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि किसी अनहोनी का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द इस जर्जर पुलिया की मरम्मत करवाई जायें।

पुलियां की हालत जर्जर हो गई आने जाने में ग्रामीणों को भारी परेशानी होती है – रामचरण नागेश्वर

ग्रामीण रामचरण नागेश्वर ने बताया कि हम लोग हमेशा इसी मार्ग का इस्तेमाल कोसरीटोला से नेवरगॉव जाने के लिये करते है। मगर मार्ग पर स्थित जो छोटा पुलियां है उसकी काफी हालत जर्जर है वहीं एक तरफ की दीवार भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। पुलियां की जितनी चौड़ाई होती है उससे आधी ही बची है। कई बार शिकायत संबंधित विभाग को की है मगर उनके तरफ से भी कोई कार्यवाही नही हुई है। हमारे जैसे कई लोगों के खेत उस तरफ है जहां ट्रैक्टर या बैलगाड़ी से आने जाने में दिक्कत है रात्रि में दुर्घटना की संभावना रहती है। यहां पर पहले मुरुम डाली गई थी वह बह गई है जिससे फिर गड्डा हो गया हैं। अधिकारी

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