स्पीयर कॉर्प्स नागालैंड, मणिपुर और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के साथ अरुणाचल प्रदेश के मध्य और पूर्वी क्षेत्रों में सैन्य अभियानों के लिए जिम्मेदार है। दोनों देशों के स्थानीय सैन्य कमांडरों के बीच हाल के हफ्तों में मुद्दों को सुलझाने के लिए कई दौर की बातचीत हुई हैIndia China talk: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की हालिया चीन यात्रा का असर दिखने लगा है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के कोर कमांडर सीमा विवाद पर पूर्वोत्तर में किसी स्थान पर बैठक कर सकते हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के ताकसिंग इलाके में तनाव की रिपोर्टों के बीच यह बैठक हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक सेना के III कोर जिसे स्पीयर कोर के नाम से भी जाना जाता है, इसके लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया अपने चीनी समकक्ष एवं अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर सकते हैं। बता दें कि स्पीयर कोर का मुख्यालय नगालैंड के दीमापुर के समीप रंगापहाड़ में स्थित है।
कमांडरों के बीच कई दौर की बातचीत
स्पीयर कॉर्प्स नागालैंड, मणिपुर और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के साथ अरुणाचल प्रदेश के मध्य और पूर्वी क्षेत्रों में सैन्य अभियानों के लिए जिम्मेदार है। दोनों देशों के स्थानीय सैन्य कमांडरों के बीच हाल के हफ्तों में मुद्दों को सुलझाने के लिए कई दौर की बातचीत हुई है। इस सप्ताह की शुरुआत में थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने भी स्पीयर कॉर्प्स का दौरा किया। सेना ने बताया कि उन्होंने ‘सभी फॉर्मेशनों की ऑपरेशनल तैयारियों और सीमा पर चल रही विकास पहलों की समीक्षा’की। उन्हें सैन्य क्षमता के विकास और युद्धक क्षमता को और मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
बीजिंग में 25 अगस्त को वांग यी से मिले डोभाल
25 अगस्त को सीमा वार्ता के लिए विशेष प्रतिनिधि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में मुलाकात की।इसके एक दिन बाद घोषणा की गई कि भारत और चीन ने सीमा निर्धारण और सीमा प्रबंधन को लेकर ‘जल्द और ठोस प्रगति’ के लिए बातचीत आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने पूर्वी और मध्य सेक्टर में दो नई सैन्य हॉटलाइन, सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत के लिए दो नए बैठक स्थल स्थापित करने और सितंबर में सीमा-पार नदियों से संबंधित बैठक आयोजित करने पर भी सहमति जताई।
ब्रिक्स समिट के लिए दिल्ली आ सकते हैं जिनपिंग
पूर्वी और मध्य सेक्टर में प्रस्तावित दो सैन्य हॉटलाइन लखनऊ और कोलकाता स्थित सेना कमांड मुख्यालयों में होने की संभावना है। उत्तराखंड के जोशीमठ में वरिष्ठ कमांडर स्तर की बातचीत के लिए एक नया बॉर्डर पर्सनल मीटिंग (BPM) पॉइंट भी स्थापित किया जाएगा। ऐसे बैठक स्थल पहले से ही अरुणाचल प्रदेश के तवांग और लद्दाख के चुशुल में मौजूद हैं। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है।










































