Digvijaya Singh: मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के चेहरे में उस समय उतना उत्साह नहीं था जब राम मंदिर का निर्माण हुआ था। उन्होंने अपने बयान पर दिग्विजय सिंह का नाम लेने की जगह उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री कहा।भोपाल: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दशहरा के मौके पर उज्जैन से अयोध्या तक सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा की शुरुआत की है। दिग्विजय सिंह ने साफ किया है कि यह यात्रा राजनीतिक नहीं है। वहीं, दिग्विजय सिंह की यात्रा को लेकर मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के चेहरे में उस समय उतना उत्साह नहीं था जब राम मंदिर का निर्माण हुआ था।हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि ने दिग्विजय सिंह का नाम नहीं लिया। उन्होंने दिग्विजय सिंह को पूर्व मुख्यमंत्री कहकर संबोधित किया। हर्षा ने कहा- जब राम मंदिर का निर्माण हुआ, तब वैसी खुशी और उत्साह नहीं दिखा, जैसा अब मंदिर के चंदे को लेकर सवाल उठाने में नजर आ रहा है।
चुनाव आने वाले हैं
हर्षा ने सवाल किया कि चुनाव नजदीक आने पर ही भगवान राम की याद क्यों आ रही है और अब उन्हें इंसाफ दिलाने का संकल्प क्यों लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर देशभर में बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व मनाया जाएगा, वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश के एक पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह उज्जैन से अयोध्या तक यात्रा निकालने जा रहे हैं।हर्षा के मुताबिक, यह यात्रा राम मंदिर के चंदे में कथित चोरी के आरोपों को लेकर निकाली जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि संबंधित नेता को चंदे में कथित चोरी से इतनी तकलीफ हुई कि अब उन्होंने भगवान राम को इंसाफ दिलाने का संकल्प ले लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने मंदिर निर्माण के फैसले का विरोध किया था। राम के अस्तित्व और रामसेतु को लेकर भी सवाल किए गए थे। हर्षा ने कहा कि जब राम मंदिर का निर्माण हुआ, तब संबंधित नेताओं की ओर से वैसा उत्साह नहीं दिखा, जैसा अब चंदे को लेकर सवाल उठाने पर दिखाई दे रहा है।
पद दिलाने के लिए यात्रा
हर्षा ने कहा राम मंदिर बनने के बाद अब अचानक भगवान राम की शरण में जाने की जरूरत क्यों महसूस हो रही है। उन्होंने चुनाव नजदीक आने या किसी को पद दिलाने जैसी संभावनाओं का जिक्र करते हुए यात्रा की मंशा पर सवाल उठाए।









































