धीमी रफ्तार छात्रावास निर्माण,तीनों छात्रावास अभी तक संबंधित विभाग को नही हुए हैंडओवर !

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स्कूली छात्र छात्राओं को छात्रावास की सुविधा उपलब्ध हो, छात्राओं को पढ़ाई करने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए शासन द्वारा करोड़ों की लागत से छात्रावास बनाए जा रहे हैं। नगर में ऐसे ही तीन छात्रावास डीपीसी कार्यालय के सामने बनाए जा रहे हैं उसका निर्माण कार्य पिछले 2 वर्षों से प्रारंभ है लेकिन कार्य की धीमी रफ्तार के चलते यह तीनों छात्रावास अभी तक संबंधित विभाग को हैंडओवर नहीं हो पाये है।

आपको बताये कि डीपीसी कार्यालय के सामने 3 छात्रावास में बनाए जा रहे हैं जिसमें 100 सीटर मॉडल स्कूल उत्कृष्ट विद्यालय का बालक छात्रावास बनाया जा रहा है जो की 3 करोड़ 86 लाख की लागत का है। इसके अलावा उससे थोड़ी दूरी पर ही उत्कृष्ट विद्यालय का बालिका छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है वह भी 100 सीटर है जिसकी लागत 3 करोड़ 85 लाख है। इसके समीप ही आदिवासी विकास विभाग 150 सीटर छात्रावास बनाया जा रहा है जो आठ करोड़ 95 लाख की लागत का है। इन तीनों छात्रावासों का निर्माण पीआईयू द्वारा कराया जा रहा है।

पीआईयू विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इन तीनों छात्रावास के निर्माण कार्य के लिए टेंडर वर्ष 2019 को हुआ था। वर्ष 2020 के अक्टूबर माह से कार्य प्रारंभ हुआ तथा इसके पूर्ण होने की अवधि जून माह की बताई जा रही है। विभाग का कहना है कि इस सत्र में इन तीनों छात्रावासों को संबंधित विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार इन छात्रावासों का निर्माण काफी धीमी गति से किया गया, इसके पीछे कारण यह भी सामने आया है कि शुरुआत के समय में कार्य अच्छा हुआ लेकिन बीच में शासन के द्वारा आबंटन ही नहीं भेजे जाने के कारण इसका काम काफी समय तक रुका रहा, जिसके चलते इसके निर्माण में काफी विलंब होना बताया जा रहा है।

विभाग का कहना है कि तीनों छात्रावासों में लगभग पूरा कार्य कंप्लीट हो गया है सिर्फ फिनिशिंग कार्य बाकी है। यदि वास्तविक स्थिति की बात करें तो दो छात्रावासों में अभी बहुत कार्य होना शेष है उन छात्रावास में हो रहे कार्य को देखकर कहीं से भी नहीं लगता है कि छात्रावास का कार्य जून माह तक पूर्ण हो जाएगा। संभावना जताई जा रही थी कि आने वाले शैक्षणिक सत्र से छात्र छात्राओं को इसका लाभ मिलना प्रारंभ हो जाएगा लेकिन छात्रावास की वर्तमान स्थिति को देखकर यही कहा जाएगा कि छात्र छात्राओं को इन छात्रावासों का लाभ लेने के लिए अभी काफी इंतजार करना पड़ेगा।

इन छात्रावासों के निर्माण के दौरान यह भी खामी नजर आयी की पूरे कार्य के दौरान कार्य की जानकारी के लिए लगाया जाने वाला बोर्ड इन भवनों के सामने कभी नजर नहीं आया। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश है कि जो भी निर्माण कार्य हो उसका सूचना मुलक बोर्ड निर्माण स्थल के सामने लगा होना चाहिए। इसके बारे में पूर्व में भी पीआईयू के अधिकारी कर्मचारियों को इससे अवगत कराया गया था लेकिन पीआईयू के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा इसे कभी गंभीरता से नहीं लिया गया और वहां सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया।

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