Kailash Mansarovar Yatra 2026: श्रद्धालुओं के लिए विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी, प्राइवेट टूर ऑपरेटर्स के साथ यात्रा करने वालों को खास सलाह

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Kailash Mansarovar Yatra 2026: कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को नई गाइडलाइन जारी कर दी है। मंत्रालय ने साफ कहा है कि यात्री सभी जरूरी ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स और परमिट पूरे किए बिना भारत से अपनी यात्रा शुरू न करें। विदेश मंत्रालय ने प्राइवेट टूर ऑपरेटरों के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए एक सलाह जारी की है। मंत्रालय ने शनिवार को अपने बयान में कहा कि उसे प्राइवेट टूर ऑपरेटरों द्वारा आयोजित टूर के माध्यम से चीन के लिए आवश्यक प्रवेश परमिट और वीजा के बिना कैलाश मानसरोवर यात्रा करने के दौरान नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों से मदद और सहायता के लिए कई अनुरोध प्राप्त हुए हैं।

पुष्ट दस्तावेजों के बिना न करें यात्रा: मंत्रालय

सभी आवश्यक यात्रा दस्तावेज प्राप्त होने तक भारत से यात्रा शुरू न करने की सलाह दी जाती है। पुष्ट दस्तावेजों के बिना या आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने की उम्मीद में यात्रा शुरू करने से फंसे रहने की संभावना बढ़ जाती है। बयान में आगे कहा गया है कि तीर्थयात्रियों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे यह सुनिश्चित कर लें कि उनका टूर ऑपरेटर विधिवत पंजीकृत और अधिकृत है। बता दें कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे लगभग 52 भारतीय नागरिक इस समय नेपाल के काठमांडू में फंसे हुए हैं और अपनी सुरक्षित आगे की यात्रा के लिए तत्काल सहायता की मांग कर रहे हैं।

श्रद्धालुओं के पास वैध चीनी वीजा और TAR जरूरी

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, कैलाश मानसरोवर यात्रा तिब्बत (चीन) क्षेत्र से होकर गुजरती है, इसलिए श्रद्धालुओं के पास वैध चीनी वीजा और तिब्बत ऑटोनॉमस रीजन (TAR) के लिए आवश्यक ट्रैवल परमिट होना जरूरी है। बिना इन दस्तावेजों के सीमा पर प्रवेश रोका जा सकता है।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि चीन का वीजा नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास से प्राप्त किया जाना चाहिए, जबकि संबंधित ट्रैवल परमिट अधिकृत प्रक्रिया के तहत जारी किए जाते हैं। नेपाल मार्ग से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को भी अपने ट्रैवल एजेंट के जरिए आवश्यक अनुमति पत्र पहले से सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। बताते चलें कि इस साल यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को चीन की सीमा में एंट्री, सामान के वजन और मेडिकल फिटनेस से जुड़े कुछ बेहद सख्त नियमों का पालन करना होगा।

चीन के हिस्से (तिब्बत) में अब हर यात्री अपने साथ सिर्फ 20 किलो तक का जरूरी सामान ले जा सकेगा। कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) के मुताबिक, विदेश मंत्रालय ने हर ग्रुप को अलग से केवल 5 किलो एक्स्ट्रा वजन ले जाने की छूट दी है।

यात्री दल को लेकर क्या हैं निर्देश?

वहीं, हर यात्री दल के साथ 5 लोगों की एक सर्विस टीम चलेगी, जिसमें एक डॉक्टर और चार कुक होंगे। इस बार का सबसे कड़ा नियम यही है कि अगर रास्ते में डॉक्टर को लगता है कि सेहत या किसी भी अन्य वजह से आगे बढ़ना ठीक नहीं है, तो पूरे ग्रुप को उसी पॉइंट से अपनी यात्रा खत्म करके वापस लौटना होगा। बता दें कि यात्रियों का पहला जत्था 30 जून को नई दिल्ली से रवाना होगा और 5 जुलाई को धारचूला बेस कैंप पहुंचेगा।

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