नई दिल्ली। 12 मई 2026 की वह सुबह, जब देश के करीब 30 लाख छात्र अपनी महीनों की थकान उतारने और आने वाले रिजल्ट के सुनहरे सपने देखने की तैयारी कर रहे थे, तभी एक खबर ने पूरे देश के साथ-साथ उन लाखों चूल्हों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया, जो अपने बच्चे को ‘डॉक्टर’ बनते देखना चाहते थे। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की – “नीट 2026 (NEET UG 2026 Paper Cancelled) की परीक्षा रद्द की जाती है।”वजह वही पुरानी और घातक – पेपर लीक। 2024 की कड़वी यादें अभी धुंधली भी नहीं हुई थीं कि 2026 के इस महा-लीक ने यह साबित कर दिया कि देश की सबसे बड़ी परीक्षा प्रणाली का सुरक्षा घेरा किसी कागज की दीवार से ज्यादा कुछ नहीं है।नेशनल टॉपर का दर्द: “रिदम टूट गया है, शून्य से शुरुआत करना थकाऊ है”
यह सिर्फ एक खबर नहीं, एक मानवीय त्रासदी है। जमशेदपुर जैसे छोटे शहर में रहने वाली 12वीं साइंस की नेशनल टॉपर शांभवी तिवारी के शब्दों में – “नीट के बाद मैं रिलैक्स मोड में थी, लेकिन अब फिर से शून्य से तैयारी शुरू करना मानसिक रूप से थकाऊ है। पूरे देश की परीक्षा रद्द करने से उन छात्रों का मनोबल टूटता है जिन्होंने ईमानदारी से मेहनत की। पढ़ाई का जो रिदम था, वह अब पूरी तरह बिखर चुका है। परीक्षा के दौरान केंद्र पर तकनीकी समस्याओं के कारण चार प्रश्न छूटे, इसके बावजूद 664 अंक आ रहे थे। विश्वास था कि इस स्कोर पर एम्स (AIIMS) में दाखिला मिल जाएगा।”










































