एक महीने में करीब 30 फीसदी लुढ़क चुका यस बैंक का शेयर क्या फिर से उठ पाएगा? यह सवाल उन तमाम निवेशकों के दिमाग में है, जिनका पैसा इस शेयर में लगा है।YES Bank Share Price Target: YES Bank के शेयरों पर दबाव बढ़ गया है। AT1 बॉन्ड मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले और बैंक की कोर प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर चिंताओं के बीच कई ब्रोकरेज ने शेयर पर सतर्क रुख अपनाया है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, शेयर पर 10 ब्रोकरेज ने ‘Sell’, 2 ने ‘Buy’ और 2 ने ‘Hold’ की रेटिंग दी है। पिछले 12 महीनों में शेयर करीब 26% टूट चुका है।
Nomura ने घटाया YES Bank का टारगेट प्राइस
Nomura ने YES Bank पर अपनी ‘Neutral’ रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस ₹23 से घटाकर ₹18 कर दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, AT1 बॉन्ड मामले से जुड़े घटनाक्रम के बाद शेयर में गिरावट आई है। बैंक का शेयर सितंबर 2028 के अनुमानित बुक वैल्यू प्रति शेयर के करीब 0.9 गुना पर कारोबार कर रहा है।
सितंबर तिमाही में बैंक के ऑपरेटिंग खर्च बढ़ने और फीस से होने वाली आय घटने के कारण कोर प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) पर दबाव पड़ा। हालांकि, अन्य आय की मदद से बैंक का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहा।Nuvama ने ₹16 का दिया टारगेट
Nuvama Institutional Equities ने YES Bank पर ‘Reduce’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹22 से घटाकर ₹16 कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कमजोर कोर प्रॉफिटेबिलिटी और AT1 बॉन्ड से जुड़ा संभावित वित्तीय असर बैंक की ग्रोथ को तेज करने की क्षमता सीमित कर सकता है।
Nuvama के मुताबिक, जापान के SMFG की संभावित पूंजी हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। यदि SMFG की हिस्सेदारी 26% से ऊपर जाती है, तो ओपन ऑफर की स्थिति बन सकती है। इससे SMFG की भारतीय NBFC इकाई और YES Bank के बीच संभावित विलय का रास्ता भी खुल सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से क्यों बढ़ी चिंता?
15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने ₹8,415 करोड़ के AT1 बॉन्ड राइट-डाउन को बरकरार रखा। YES Bank ने सितंबर तिमाही के घोषित नतीजों में इसका असर शामिल नहीं किया। हालांकि, बैंक के संकेतात्मक प्रोफॉर्मा आंकड़ों के मुताबिक, इसका असर शामिल करने पर ₹5,217 करोड़ का नेट लॉस और 11.4% का कॉमन इक्विटी टियर-1 (CET1) रेशियो बनता है। यह घटनाक्रम बैंक की पूंजी स्थिति और भविष्य में ग्रोथ के लिए अतिरिक्त पूंजी की जरूरत को लेकर अहम हो गया है।
Goldman Sachs की YES Bank पर राय
Goldman Sachs के मुताबिक, सितंबर तिमाही में बैंक की कोर रेवेन्यू ग्रोथ सालाना आधार पर 20% रही, जो उम्मीदों के अनुरूप थी। PPOP उम्मीद से बेहतर रहा, जबकि PAT में मजबूती की एक वजह पुराने फंसे हुए एसेट्स से हुई रिकवरी रही। हालांकि, ऐसी रिकवरी में उतार-चढ़ाव संभव है।
बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) तिमाही आधार पर 10 बेसिस पॉइंट घटा। FCNR-B डिपॉजिट से जुड़े प्रभाव को समायोजित करने के बाद भी ब्रोकरेज ने अंतर्निहित मार्जिन में नरमी की आशंका जताई।
| ब्रोकरेज फर्म | रेटिंग | टारगेट प्राइस |
| Goldman Sachs | Sell | ₹17 |
| Citi | Sell | ₹16.50 |
| Kotak Institutional Equities | Sell | ₹16 |
| Nuvama Institutional Equities | Reduce | ₹16 |
| Morgan Stanley | Underweight | ₹17 |
| Nomura | Neutral | ₹18 |
| ICICI Securities | Hold | ₹17 |
| Axis Capital | Buy | ₹23 |
| Ventura Securities | Buy | ₹24.20 |
| JM Financial | Reduce | ₹17 |
Ventura Securities को अब भी तेजी की उम्मीद
Ventura Securities ने YES Bank पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और ₹24.20 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मौजूदा स्तर से अगले 24 महीनों में इसमें करीब 39% की संभावित तेजी देखने को मिल सकती है।
हालांकि, यह तेजी का अनुमान बाकी कई ब्रोकरेज की सतर्क राय से अलग है। निवेशकों के लिए बैंक की कोर कमाई, पूंजी पर्याप्तता और SMFG से जुड़े घटनाक्रम अहम रहेंगे।
डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।







































