Vikram-1 Test Flight: हैदराबाद स्थित प्राइवेट स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) इतिहास रचने के लिए तैयार है। स्काईरूट एयरोस्पेस अपनी पहली परीक्षण उड़ाने भरने वाला है, जिसका काउंटडाउन शुरू हो गया है। दरअसल, कंपनी ने परीक्षण उड़ान की लॉन्चिंग डेट का ऐलान कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, स्काईरूट एयरोस्पेस पहली परीक्षण उड़ान जुलाई 18 को लॉन्च करने वाला है। इसकी लॉन्चिंग सुबह 11:30 बजे होगी। विक्रम-1 रॉकेट श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च होगा।
स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक पवन कुमार चांदना ने कहा, ”हम यह समझना चाहते हैं कि उड़ान भरने से लेकर ऊपर जाने के हर चरण में रॉकेट कैसा प्रदर्शन करता है। इस डेटा को जमीन पर होने वाले परीक्षण के जरिए पूरी तरह से दर्शाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, ”इस मिशन से मिलने वाला डेटा रॉकेट के डिजाइन को बेहतर बनाने और भविष्य में एक भरोसेमंद एवं नियमित व्यावसायिक लॉन्च कार्यक्रम विकसित करने में मदद करेगा।”
विक्रम-1 की क्या है खासियत?
सात मंजिला ऊंचे विक्रम-1 रॉकेट का निर्माण ऑल-कार्बन कॉम्पोजिट स्ट्रक्चर के साथ किया गया है। इसमें कंपनी द्वारा विकसित 3D-प्रिंटेड इंजन और उच्च क्षमता वाले सॉलिड-फ्यूल रॉकेट बूस्टर लगाए गए हैं। यह रॉकेट लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में 350 किलोग्राम तक के छोटे सैटेलाइट को स्थापित करने में सक्षम है। इसकी पहली उड़ान में 450 किलोमीटर की ऊंचाई और 60 डिग्री ऑर्बिटल इनक्लिनेशन वाले कक्षा में पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।










































