पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। खैरलाँजी किन्ही क्षेत्र में बुधवार की दोपहर करीब ३ बजे प्रकृति का एक ऐसा रौद्र रूप देखने को मिला जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। अचानक बदले मौसम के मिजाज के साथ आए भीषण चक्रवाती तूफ ान और मूसलाधार बारिश ने देखते ही देखते पूरे क्षेत्र को तहस नहस कर दिया। महज कुछ ही मिनटों के तांडव ने क्षेत्र की सूरत बिगाड़ दी और करोड़ों के नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है। तूफ ान की रफ्तार इतनी जबरदस्त थी कि सडक़ किनारे लगे दशकों पुराने विशालकाय पेड़ तिनकों की तरह जड़ से उखड़ गए। कई स्थानों पर ये पेड़ सीधे लोगों के मकानों और दुकानों पर जा गिरे जिससे निर्माण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। तूफ ान के कारण बिजली के खंभे जमीन पर आ गिरे और तार टूटकर बिखर गए जिसके चलते पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। अंधेरे में डूबे ग्रामीणों के बीच अफ रा तफ री का माहौल बना रहा। गरीबों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर यह तूफ ान कहर बनकर टूटा। कई मकानों के टीन शेड और अस्थाई झोपड़े हवा में उडक़र दूर जा गिरे। सबसे ज्यादा चोट किसानों को पहुंची है खेतों में खड़ी रबी की धान की फसल तेज बारिश और हवा के कारण जमीन पर बिछ गई और खेतों में पानी भर गया। किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फि रता नजर आ रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर को अचानक आसमान काला पड़ गया और चक्रवात जैसी स्थिति बन गई। लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। जान बचाने के लिए कोई घरों में दुबक गया तो कोई सुरक्षित पक्के मकानों की ओर भागता नजर आया। प्रकृति के इस प्रहार ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि प्रभावितों को राजस्व विभाग जल्द से जल्द क्षेत्र का सर्वेक्षण कर नुकसान का आकलन करे। पीडीत परिवारों और किसानों को उचित मुआवजा प्रदान कर अंधेरे में डूबे गाँवों में बिजली व्यवस्था को युद्धस्तर पर बहाल किया जाए। इस चक्रवाती तूफ ान ने खैरलाँजी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को गहरा घाव दिया है।










































