गायखुरी में निकला दशहरा चल समारोह, शुभम बोरीकर ने धारण किया महाराज जी का

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धूमधाम से हर्षोल्लास के साथ मनाया विजय दशमी पर्व
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पदमेश न्यूज़,बालाघाट।हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जिला मुख्यालय सहित आस-पास गांव कोसमी, भरवेली, कनकी, समनापुर सहित अन्य स्थानों पर भी दशहरा पर्व धूमधाम से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहर मुख्यालय की तर्ज पर ही पानीपत से लाए गए हनुमान जी के स्वरूप को साधक द्वारा धारण कर चल समारोह निकाला गया। प्रभु श्रीराम लक्ष्मण को दिव्य रथ में विराजित कर रावण का पुतला दहन करने भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसी कड़ी में शहरीय क्षेत्र के वार्ड नंबर 33 गायखुरी में 26 वां दशहरा पर्व धूमधाम से हर्षोल्लास के साथ उत्साहपूर्वक मनाया गया। गायखुरी में गत दो वर्ष पूर्व पानीपत से अष्टधातु से निर्मित हनुमान जी का स्वरूप लाया गया है। जिसे दशहरा चल समारोह में हनुमान साधक द्वारा धारण किया जाता है। शहर मुख्यालय की तर्ज पर ही दशहरा चल समारोह निकाला जा रहा है। इस वर्ष हनुमान जी का स्वरूप शुभम बोरीकर द्वारा धारण किया गया। जिनके द्वारा कठिन साधना कर नवरात्रि प्रारंभ से आवास टोली वृद्धा आश्रम में रहकर दशहरा पर्व तक पूजा अर्चना व साधना की गई। आयोजन समिति मां वैनगंगा दशहरा उत्सव समिति, मां कुष्मांडा मंदिर गायखुरी के संयुक्त तत्वाधान में 20अक्टूबर की शाम वृद्धा आश्रम आवास टोली से भव्य शोभायात्रा निकाली गई।26 वें हनुमान जी महाराज का स्वरूप धारण करने वाले साधक शुभम बोरीकर द्वारा मां कुष्मांडा मंदिर आवासटोला गायखुरी में पहुंचकर मातारानी का आर्शीवाद लिया गया। तत्पश्चात् शोभायात्रा आवासटोला होते हुए गायखुरी चौक से पंवार गली हनुमान मंदिर पहुंची। जहां हनुमान जी की पूजा अर्चना कर शोभायात्रा लोधी मोहल्ला से होकर गायखुरी आम्बेडकर चौक, दुर्गा चौक से सेन चौक, पॉलीटेकनिक कॉलेज के सामने से होते हुये कुनबी भवन गली से वापस गायखुरी प्रमुख चौक से आवासटोली होते हुए रावणदहन स्थल आवासटोला वैनगंगा नदी तट पहुंची। जहां खड़े करीब 45 फीट ऊंचे रावण के पुतले के आस-पास हनुमान जी महाराज व प्रभु श्रीराम एवं लक्ष्मण ने परिक्रमा कर प्रभु श्रीराम ने अग्निबाण चलाकर लंकापति रावण के पुतले का दहन किया। इस दौरान भव्य रंग-बिरंगी आतिशबाजी की गई व कुछ ही क्षण रावण का पुतला धूं-धूं कर जल उठा। इस दौरान प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण व माता सीता दिव्य रथ में सवार होकर शोभायात्रा में शामिल रहे। शोभायात्रा में डीजे व धुमाल की धुनों पर बच्चे, युवा व महिलाएं जय वीर महावीर का जयघोष करते हुए भक्तिगीतों में नाचते झूमते हुए चल रहे थे। इस अवसर पर काफी संख्या में लोगों की भीड़ मौजूद रही। वहीं दशहरा के दूसरे दिन 21 अक्टूबर की सुबह 10बजे वृद्धा आश्रम परिसर स्थित हनुमान मंदिर में हवन-पूजन कर प्रसाद वितरण किया गया।

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