काठमांडू: नेपाल के पीएम बालेन शाह लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। शाह के चर्चा में आने की नई वजह उनकी विदेश नीति है। मार्च के आखिर में पीएम पद की शपथ लेने के बाद से बालेन शाह ने नेपाल की पारंपरिक विदेश नीति में बदलाव लाने की कोशिश की है। नेपाल की विदेश नीति लंबे समय से भारत और चीन के बीच झूलती रही है। इसकी वजह नेपाल के इन दो विशाल एशियाई देशों से घिरा होना है। हालांकि अब ऐसा लगता है कि बालेन घरेलू और विदेश की पूरी व्यवस्था बदलना चाहते हैं। वह भारत, चीन से लेकर अमेरिका तक सबसे दूरी बनाते दिख रहे हैं।
द प्रिंट के एक विश्लेषण के मुताबिक, नेपाल के चुनाव में बालेन शाह को भारी जीत मिली है। इससे उत्साहित शाह ने व्यवस्था में आमूल-चूल बदलाव की कोशिश की है। विदेश नीति में खासतौर से शाह के विदेशी प्रतिनिधियों के साथ सीधी मुलाकातों से बचने ने ध्यान खींचा है। पूछा जा रहा है कि यह एक संतुलित और तटस्थ रुख है या नेपाल की विदेश नीति को बाहरी प्रभावों से सुरक्षित रखने का तरीका है।










































