पंजाब पहुंचे अमित शाह क्यों हुए भावुक? दुखी मन से बोले- ‘जितना गहरा दुख महसूस हुआ, उतना पहले कभी नहीं हुआ’

0

Amit Shah Ludhiana Press Conference Drugs: अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान मादक पदार्थों से जान गंवाने वाले परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने ‘आप’ सरकार पर निशाना साधते हुए 2029 तक नशा खत्म करने का संकल्प दोहराया।Amit Shah Punjab Visit Drug Menace 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि पंजाब में मादक पदार्थों की समस्या से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वालों के परिजनों से मिलते समय उन्हें जितना गहरा दुख महसूस हुआ, उतना जीवन में पहले कभी नहीं हुआ था। शाह ने ‘आप’ सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह इस समस्या को रोकने में विफल रही है और पंजाब में मादक पदार्थों का धंधा बढ़ता जा रहा है।

शाह पंजाब के एक दिवसीय दौरे पर थे, जिस दौरान उन्होंने गुरदासपुर, संगरूर और मानसा की यात्रा की। 20 दिनों के भीतर इस चुनावी राज्य में यह उनका दूसरा दौरा था।

परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला

नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला मंगलवार को सीबीआई को सौंपने की मुख्यमंत्री भगवंत मान की घोषणा के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मान से कहा कि वे संगरूर और बटाला की घटनाओं की जांच भी केंद्रीय एजेंसी को सौंप दें।पंजाब में तीन जगहों का दौरा करने के बाद, शाह ने लुधियाना में पत्रकारों से बात की, जहां उन्होंने लोगों को एक बार फिर भरोसा दिलाया कि 31 दिसंबर 2029 तक मादक पदार्थों के कारोबार को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।

मंगलवार शाम दशहरा उत्सव के मौके पर, शाह लुधियाना में रावण दहन कार्यक्रम में भी शामिल हुए।

गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों पर एक्शन लिया- शाह

केंद्रीय गृह मंत्री ने जहां पंजाब में मादक पदार्थों की समस्या को लेकर ‘आप’ सरकार पर सवाल उठाए, तो राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि शाह को यह बताना चाहिए कि पंजाब की सीमाओं के बाहर नशीले पदार्थों की आपूर्ति शृंखला को तोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने क्या किया है।

शाह ने कहा कि अब तक गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों पर 20,000 करोड़ रुपये की कीमत के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।

इससे पहले दिन में बटाला पहुंचने के बाद, शाह ने 40 वर्षीय बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की, जिनकी मौत एक ऐसी घटना में हो गई थी, जिसका संबंध कथित तौर पर मादक पदार्थों की समस्या से बताया जा रहा है।

शाह गुरदासपुर से गुलजार सिंह के परिवार से मिलने के लिए संगरूर गए। बाद में, मानसा में उन्होंने नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार से भेंट की, जिनकी पिछले हफ्ते एक मेडिकल स्टोर मालिक ने हत्या कर दी थी।

उनका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं- शाह

लुधियाना में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे पंजाब में शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना देने आए हैं, और साथ ही यह भी कहा कि उनका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है।

शाह ने कहा कि वे ‘आप’ सरकार और उसके नेताओं को यह याद दिलाने आए हैं कि उन्होंने सत्ता में आने के तीन महीने के भीतर मादक पदार्थों के कारोबार को खत्म करने का वादा किया था, लेकिन यह कारोबार और बढ़ रहा है।

गृह मंत्री ने ‘आप’ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ बोलते हैं, उन्हें या तो आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया जाता है या फिर उनकी हत्या कर दी जाती है।

शाह ने कहा, ‘पिछले 30 वर्षों से मैं लोकसभा और विधानसभा का सदस्य चुना जाता रहा हूं। केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में और उससे पहले भाजपा अध्यक्ष के तौर पर, मैं कई जगहों पर उन परिवारों से मिला हूं और उन्हें सांत्वना दी है, जिन्होंने दुखद घटनाओं में अपने परिजनों को खो दिया।’

जीवन में कभी इतना गहरा दुख महसूस नहीं किया- शाह

बटाला, संगरूर और मानसा में प्रभावित परिवारों से मिलने के बाद उन्होंने कहा, ‘आज मैं देश और पंजाब के लोगों से यह कहना चाहता हूं कि मैंने अपने जीवन में कभी इतना गहरा दुख महसूस नहीं किया है।’ उन्होंने बताया कि ‘चिट्टा’ (अवैध मादक पदार्थ) के कारोबार से प्रभावित लोग भी इन परिवारों के घरों पर इकट्ठा हुए थे।

उन्होंने कहा, ‘पंजाब के हालात के बारे में उन्होंने जो बताया, उसे सुनकर हम हिल गए।’ गृहमंत्री ने कहा, ‘किसी ने अपने बेटे खो दिए, किसी ने भाई, तो किसी ने अपना पति। इन दुखी परिवारों के लिए ’आप’ सरकार के पास क्या जवाब है?’पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने नशे की समस्या को लेकर पंजाब की भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘आज तक मैंने उनसे बहानेबाजी के अलावा कोई और जवाब नहीं सुना है।’

शाह ने कहा कि पंजाब के पुलिसकर्मी भी नशीले पदार्थों के साथ पकड़े गए हैं। उनका इशारा संभवतः तरनतारन में राज्य सरकार के ‘एंटी-ड्रोन सिस्टम’ पर तैनात एक पुलिस कांस्टेबल की ओर था, जिसे 15 किलोग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया था।

उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों का कारोबार, खासकर ‘चिट्टा’ की बिक्री, गांव-गांव तक फैल गई है। उन्होंने कहा, ‘आपकी सरकार इसे रोकने में नाकाम रही है।’

सीबीआई जांच को लेकर क्या बोले शाह?

मानसा हत्याकांड को सीबीआई को सौंपने के मान सरकार के फैसले पर शाह ने कहा, ‘आज सुबह अपना जन्मदिन मनाने के बाद, भगवंत मान जी ने एक अच्छा काम किया – उन्होंने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है… मैं मुख्यमंत्री से यह भी अपील करना चाहता हूं कि अगर आपकी सरकार स्थिति को संभालने में असमर्थ है, तो बाकी दो मामलों को भी सीबीआई को सौंप दें। पीड़ितों के परिजन भी यही मांग कर रहे हैं।’

शाह ने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि वे न्याय सुनिश्चित करने के लिए अपने पास मौजूद हर संसाधन का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो भाजपा कार्यकर्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

शाह ने बताया कि पिछले महीने जब वे पंजाब आए थे, तो उन्होंने भाजपा की ’नशा मुक्त’ रैली को संबोधित किया था। आम आदमी पार्टी (आप) पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वह मादक पदार्थों की समस्या को खत्म करने की अपील करने आए थे, लेकिन आप ने उन पर ही आरोप लगा दिया।

उन्होंने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘मुझे अपशब्द कहे गए और मेरे लिए गलत भाषा का इस्तेमाल किया गया।’ शाह ने कहा, ‘मैं उनसे कहना चाहता हूं कि अगर उन्हें मुझे गाली देकर संतुष्टि मिलती है, तो वे ऐसा कर लें, लेकिन नशीले पदार्थों का कारोबार बंद कर दें।’

‘आप’ पर निशाना साधते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो लोग दिल्ली में अभिव्यक्ति की आजादी की बात करते हैं, वे एक ऐसे व्यक्ति द्वारा काला झंडा दिखाए जाने को भी बर्दाश्त नहीं कर सके, जिसे परेशान किए जाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार के शीर्ष नेताओं को शर्म आनी चाहिए।

गौरतलब है कि संगरूर के शेरोन गांव के निवासी मोहनजीत सिंह ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम स्थल के पास एक घर की छत से काला झंडा लहराने के बाद हिरासत में पंजाब पुलिस ने उन्हें प्रताड़ित किया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here