लांजी क्षेत्र के कंसुली ग्राम में चबूतरे पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाएं तोड़े जाने की घटना को लेकर लोगों में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस मामले में आरोपियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर बुधवार को कांग्रेस सेवादल ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
संयुक्त कलेक्टर प्रदीप कौरव को सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस सेवादल पदाधिकारियों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कंसुली गांव में महापुरुषों की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त करना बेहद निंदनीय कृत्य है। संगठन ने प्रशासन से मांग की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष जीतू बर्वे ने कहा कि कंसुली में हुई यह घटना क्षेत्र में सामाजिक उन्माद फैलाने की साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में काफी नाराजगी है, लेकिन चिंताजनक बात यह है कि शिकायत के बावजूद पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। गौरतलब है कि 23 अप्रैल को लांजी थाना क्षेत्र के कंसुली गांव में असामाजिक तत्वों द्वारा महापुरुषों की प्रतिमाओं को तोड़ दिया गया था। घटना के बाद से ही अनुयायियों और ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार बीते सप्ताह बुधवार और गुरुवार की मध्यरात्रि एक अज्ञात व्यक्ति, जिसने सफेद गमछा, सफेद शर्ट और हाफ लोअर पहन रखा था, प्रतिमाओं के पास देखा गया था। गांव के एक बालक ने उसे प्रतिमाएं तोड़ते हुए देखा और ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। बताया जा रहा है कि गांव में चबूतरा बनाकर महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। घटना में बाबा साहब आंबेडकर की प्रतिमा चबूतरे पर गिरी हुई मिली, जबकि ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले की प्रतिमाओं को चबूतरे से दूर फेंक दिया गया था। घटना के बाद से क्षेत्र में नाराजगी का माहौल है और लोग लगातार दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। बुधवार को कांग्रेस सेवादल कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।









































