मैहर: मध्य प्रदेश के नवगठित जिले मैहर की कलेक्टर IAS बिदिशा मुखर्जी इन दिनों अपने ऑन-फील्ड एक्शन और बेबाक अंदाज के कारण सुर्खियों में हैं। शनिवार शाम जब वे सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचीं, तो वहां का नजारा देख उनकी संवेदनशीलता और सख्ती का एक अलग ही रूप देखने को मिला। प्रसूति वार्ड में एक महिला द्वारा पांचवें बच्चे को जन्म देने की बात सुनकर वे दंग रह गईं और एक सुपर वुमेन की तरह समाज की दकियानूसी सोच पर प्रहार करती नजर आईं।
पांचवें बच्चे की बात सुनकर महिला को समझाया
निरीक्षण के दौरान जैसे ही मैहर कलेक्टर को पता चला कि एक प्रसूता ने अपनी पांचवीं संतान को जन्म दिया है, वे सीधे उसके बेड तक पहुंचीं। उन्होंने किसी अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि एक अभिभावक की तरह महिला को समझाया। कलेक्टर ने सवाल उठाया कि आज के महंगाई भरे दौर में पांच बच्चों का पालन-पोषण, उनकी उच्च शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करना कितना बड़ा चुनौतीपूर्ण कार्य है। उन्होंने महिला से पूछा कि आखिर इतने बड़े परिवार का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा?
बदल गया है जमाना
कलेक्टर ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज जमाना बदल चुका है, लेकिन समाज अब भी पुत्र प्राप्ति की चाह में उलझा हुआ है। उन्होंने खुद का और अपनी टीम का उदाहरण देते हुए समाज को आईना दिखाया। उन्होंने कहा की आज मध्य प्रदेश में 31% कलेक्टर महिलाएं हैं। मैहर की पूरी प्रशासनिक टीम महिलाओं की है। जब बेटियां हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं, तो फिर यह भेदभाव और लड़कों की ख्वाहिश क्यों?










































