Why Silver Crash: चांदी की कीमत में पिछले तीन महीने में बड़ी गिरावट आई है। जनवरी, 2026 में चांदी की कीमत अपने रिकॉर्ड हाई ₹4.39 लाख प्रति किलो से घटकर ₹2.40 लाख प्रति किलो पर आ गई है। इस तरह चांदी की कीमत में करीब 2 रुपये की कमी आ गई है। चांदी की कीमत में गिरावट से निवेशकों के अरमान पर पानी फेर दिया है। बता दें कि 2025 में चांदी की कीमत में 170% की तेजी आई थी। वहीं, जनवरी 2026 में यह तेजी 74% और बढ़ गई, जिससे यह दुनिया भर में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली संपत्तियों में से एक बन गई। हालांकि, फरवरी शुरू होने के साथ बड़ी गिरावट शुरू हो गई। अब कीमतें 2025 के बंद भाव से नीचे गिर गई हैं। इस तरह निवेशकों को मिला पूरा रिटर्न साफ हो गया है।
चांदी की कीमत में क्यों आई गिरावट?
ईरान संकट और कच्चे तेल की कीमत: ईरान संकट के कारण पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी ने वित्तीय बाजारों में बड़े पैमाने पर ‘रिस्क-ऑफ’ (जोखिम से बचने का) माहौल पैदा कर दिया। एक सुरक्षित निवेश के तौर पर काम करने के बजाय, चांदी पर बिकवाली का दबाव देखा गया, क्योंकि निवेशकों ने मार्जिन कॉल को पूरा करने और अपने पोर्टफोलियो को फिर से संतुलित करने के लिए अपनी होल्डिंग्स बेच दीं। इससे कीमतें में बड़ी गिरावट आई है।
मजबूत अमेरिकी डॉलर: वैश्विक बाजारों में डॉलर की मजबूती के कारण चांदी की खरीदारी महंगी हो गई है, जिससे इसकी मांग में कमी आई है।
ऊंची ब्याज दरें: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा रखने के संकेतों ने निवेशकों का रुझान चांदी जैसे ‘नॉन-यील्डिंग’ एसेट से हटाकर सरकारी बॉन्ड्स की तरफ कर दिया है।
क्या अभी खरीदने का सही मौका या इंतजार करें?
कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक ‘एकम्यूलेशन’ का अवसर हो सकती है। वर्तमान में चांदी ₹2.40 लाख प्रति किलो के करीब है। अगर यह ₹2.25 लाख के स्तर को तोड़ती है, तो और गिरावट दिख सकती है। हालांकि, डॉलर की मजबूती और भू-राजनीतिक तनाव (जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना) इसे अस्थिर बनाए हुए हैं।
मार्केट एनालिस्ट्स के अनुसार, चांदी में निवेश के लिए सबसे आकर्षक समय वह होता है जब भू-राजनीतिक तनाव में कमी आने लगती है और शुरुआती गिरावट (Slump) के बाद कीमतें स्थिर होती हैं। विश्लेषकों का तर्क है कि मौजूदा अस्थिरता के बीच निवेश करने का सबसे सही समय नहीं हो सकता है। निवेशकों को कीमतों के स्थिर होने और एक स्पष्ट सपोर्ट लेवल बनने का इंतजार करना चाहिए।










































