खुले आसमान के नीचे पुराने कृषि उपज मंडी भवन के लोहे के एंगल और अन्य सामग्री

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पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। नगर मुख्यालय से लगभग ४ किमी दूर ग्राम पंचायत बकोड़ा में कृषि उपज मंडी लालबर्रा का कार्यालय करीब ५ वर्ष पूर्व स्थानांतरित हो चुका है और बकोड़ा कृषि उपज मंडी से ही कार्यालय का संचालन हो रहा है। वहीं करीब ५ वर्ष पूर्व मंडी कार्यालय के नवीन भवन मेंं स्थानांतरित होने के बाद भी पुराने कृषि उपज मंडी भवन से निकाले गये लोहे के एंगल, टीन, बल्ली व अन्य उपयोगी सामग्रियों की नीलामी अब तक नही होने के कारण बकोड़ा कृषि उपज मंडी परिसर में खुले आसमान के नीचे रखा गया है। जिसके कारण वह धीरे-धीरे खराब होने लगी है और बरसात के दिनों में बारिश होने पर लाखों रूपये की सामग्री खराब हो सकती है किन्तु जिम्मेदारों के द्वारा इस ओर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। अगर मंडी प्रशासन के द्वारा पुरानी कृषि उपज मंडी भवन की सामग्रियों की नीलामी कर दी जाती है तो लाखों रूपये का राजस्व मंडी प्रशासन को मिलेगा। लेकिन इस नीलामी की प्रक्रिया हेतु कोई पहल नही की जा रही है जिसके कारण पुरानी मंडी भवन से निकाले गये लोहे के एंगल, टीन, बल्ली सहित अन्य सामग्री देख-रेख के अभाव में धीरे-धीरे खराब होने लगी है। क्षेत्रीयजनों ने मंडी प्रशासन से पुरानी मंडी कार्यालय से निकाले गये लोहे के एंगल सहित अन्य सामग्री की जल्द नीलामी करवाने की मांग की है।

राजस्व का हो रहा नुकसान

आपकों बता दे कि लालबर्रा के हाई स्कूल मार्ग के वृहत्ताकार सेवा सहकारी समिति के सामने पूर्व में कृषि उपज मंडी का भवन था जो पूरी तरह से जीर्णशीर्ण हो चुका था। जिसके बाद नवीन कृषि उपज मंडी के भवन निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद पुरानी कृषि उपज मंडी के भवन को तोड़ दिया गया और अस्थाई रूप से सांदीपनी स्कूल के सामने स्थित सामुदायिक भवन में मंडी कार्यालय संचालित किया जा रहा था एवं पुरानी कृषि उपज मंडी के लोहे के एंगल, टीनशेड व अन्य सामग्री को सामुदायिक भवन में रखी गई थी। जिसके बाद बकोड़ा में करोड़ों रूपयों की लागत ने नवीन कृषि उपज मंडी भवन का निर्माण किया गया और करीब ५ वर्ष पूर्व उक्त नवीन भवन में मंडी कार्यालय विस्थापित कर दिया गया है। साथ ही पुराने मंडी कार्यालय के स्थान पर ७२ कमरों का मंडी काम्पलेक्स का निर्माण किया गया है। वहीं पुराने कृषि उपज मंडी भवन के उपयोगी सामग्री को भी बकोड़ा कृषि उपज मंडी परिसर में रखा गया है किन्तु अब तक उक्त सामग्री की नीलामी नही होने के कारण उसे खुले आसमान के नीचे रखा गया है जो सड़ रही है और धीरे-धीरे खराब होने लगी है। अगर मंडी प्रशासन के द्वारा जल्द नीलामी की प्रक्रिया के तहत लोहे के एंगल, टीनशेड़, लकड़ी की बल्ली व अन्य उपयोगी सामग्रियों को नीलाम कर दिया जाता है। तो मंडी को राजस्व प्राप्त होने के साथ ही जरूरतमंद लोगों को कम दामों में उपयोगी वस्तुएं प्राप्त हो सकती है परन्तु अब तक पुराने कृषि उपज मंडी भवन की उपयोगी सामग्री की नीलामी की प्रक्रिया नही होने के कारण लाखों रूपयों की लोहे के एंगल, टीनशेड सहित अन्य सामग्री खराब हो रही है परन्तु जिम्मेदारों के द्वारा इस ओर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है जिससे मंडी प्रशासन को लाखों रूपये का नुकसान हो रहा है। जागरूक नागरिकों ने मंडी प्रशासन से मांग की है कि पुरानी कृषि उपज मंडी भवन की जो उपयोगी सामग्री है उसकी नीलामी की जाये ताकि जरूरतमंद उसकी खरीदी कर सकते है जिससे मंडी प्रशासन को भी आर्थिक लाभ होगा।

दूरभाष पर चर्चा में कृषि उपज मंडी लालबर्रा के सचिव वायआर ठाकरे ने बताया कि पुरानी कृषि उपज मंडी भवन की सामग्री की नीलामी के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करवा चुके है। भोपाल से नीलामी की प्रक्रिया के आदेश मिलने के बाद हमारे द्वारा नीलामी की जायेगी परन्तु अब तक नीलामी के संबंध में कोई आदेश नही आये है। पुरानी कृषि उपज मंडी भवन के लोहे के एंगल, टीनशेड, बल्ली व अन्य उपयोगी सामग्री की नीलामी होती है तो लाखों रूपयें का राजस्व प्राप्त होगा।

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